विकास भवन स्थित परिसर में अपनी मांग को लेकर सीबीओ कार्यालय के बाहर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के
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उरई। कामधेनु योजना के अंतर्गत खोली गई डेयरी के लोन की धनराशि पशुपालन विभाग द्वारा रोके जाने से नाराज एक डेयरी संचालक ने मंगलवार को सीवीओ कार्यालय में हंगामा किया। उसका आरोप है कि अधिकारियों ने चलती हुई डेरी को निष्क्रिय दिखा दिया। जिसकी वजह से लोन में से करीब चार लाख रुपये का भुगतान रोक दिया गया है।
सपा शासन में माइक्रो कामधेनु योजना की शुरुआत की गई थी। योजना के अंतर्गत 25 लाख रुपये का लाभार्थी के नाम लोन अनुमोदित किया गया था। इसमें कई मिनी डेयरी खोली गई थी। इस योजना के अंतर्गत जालौन विकास खंड के अलाईपुरा निवासी साधना तिवारी ने भी डेयरी खोली थी। मंगलवार को साधना के पति श्याम सुंदर ने सीवीओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा काटना शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ते देख आसपास के कार्यालयों के लोग भी तमाशा देखने पहुंच गए। पति श्याम सुंदर सीवीओ कार्यालय के मुख्य गेट पर लेट गया। किसी भी अधिकारी को बाहर नहीं जाने दिया। काफी प्रयास के बाद भी जब वह नहीं माना तो इसकी जानकारी सीडीओ डॉ. अभय कुमार को दी गई। उन्होंने टीम बनाकर डेयरी की जांच करने भेजा।
श्याम सुंदर तिवारी ने बताया मेरी डेयरी क्रियाशील है। विभाग के एक डॉक्टर द्वारा सुविधा शुल्क मांगा था। मेरी पत्नी सुविधा शुल्क देने में असमर्थ थी। इसी कारण बस जालौन पशु चिकित्साधिकारी ने डेयरी क्रियाशील न होने की गलत रिपोर्ट भेज दी। इससे मेरा बकाया 4.50 लाख हजार रुपये का भुगतान सीवीओ ने नहीं दिया।
हंगामे की सूचना पर जानकारी मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने व्यक्ति को समझाबुझाकर बवाल को शांत कराया। उधर, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र ने बताया कि हंगामा कर रहे व्यक्ति को समझाकर जांच टीम भेजी गई है।