जालौन। जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने मंगलवार को जिला पंचायत की भूमि पर बने मंदिर को जेसीबी से ढहा दिया। इससे नाराज लोगों ने हिंदू संगठनों और मोहल्ले के लोगों ने जाम लगाकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंचीं एडीएम और एएसपी ने लोगों को समझाया, लेकिन वह कुछ मानने को तैयार नहीं। रात करीब आठ बजे तक थाने में अधिकारियों व हिंदूवादी संगठनों के नेताओं के बीच बात चलती रही।
नगर का पुराना अस्पताल जिला पंचायत की जगह में बना हुआ है। लगभग 20 वर्ष पूर्व अस्पताल देवनगर चौराहे पर स्थानांतरित कर दिया गया। अब इस स्थान पर दो परिषदीय विद्यालय, पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगर क्षेत्र व प्राथमिक विद्यालय उर्दू माध्यम संचालित हो रहे हैं। इसी परिसर में अस्पताल के हटने के बाद एक कोने में धार्मिक स्थल का निर्माण कर दिया गया था।
मंगलवार को जिला पंचायत के एएमए विजय प्रकाश, एसडीएम अंकुर कौशिक स्थानीय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इन अफसरों जेसीबी से जिला पंचायत की जमीन से अतिक्रमण हटाने का काम शुरू कराया। इस दौरान मंदिर को भी ढहाना शुरू कर दिया। सूचना पर मंदिर की देखरेख करने वाली मधु पांडेय और उनके साथ कई लोग भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने विरोध जताते हुआ तो आक्रोशित लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।
इसकी सूचना पर क्षेत्रीय भाजपा नेता, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोग भी पहुंच गए। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर सीओ जालौन संतोष कुमार और सीओ माधौगढ़ राहुल पांडेय ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग कुछ सुनने को राजी नहीं थे। स्थिति बिगड़ती देख जानकारी आला अफसरों को दी।
इस पर एडीएम पूनम निगम व एएसपी असीम चौधरी पहुंच गए। इससे पहले विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने देवनगर चौराहे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। एडीएम व एएसपी के पहुंचने पर लगभग आधे घंटे बाद जाम खुल सका। इसके बाद अधिकारी व कार्यकर्ता फिर पुराना अस्पताल मैदान पहुंचे। वहां विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष जयदीप त्रिपाठी, मंत्री ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, दीपक शर्मा, आशीष द्विवेदी, मानवेंद्र, भाजपा नेता राजीव मिश्रा, गौरव गुर्जर, सतीश सिंह सेंगर से अफसरों ने बात की। सभी लोग मंदिर को पुन: बनवाए जाने की मांग पर अड़े रहे। अफसरों ने इस संबंध में बात करने का आश्वासन दे रहा था।
भाजपा नगर उपाध्यक्ष राजीव मिश्रा, डॉ. बृजेंद्र दुबे, गौरव गुर्जर, मधु पांडेय ने आरोप लगाया कि मंदिर तोड़े जाने से पहले स्थानीय प्रशासन ने न तो किसी धार्मिक गुरु को विश्वास में लिया और न ही किसी से बात की। बिना नोटिस दिए मंदिर को ढहाना गलत है।
सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने बताया कि धार्मिक पर्व से पहले धार्मिक स्थल को तोड़ा जाना गलत है। इस बारे में उन्होंने डीएम प्रियंका निरंजन, एसडीएम अंकुर कौशिक और जिला पंचायत के एएमए से बात की है। मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
जालौन। थाने में कई घंटे चली बातचीत के बाद जिला प्रशासन ने दो सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें एसडीएम अंकुर कौशिक और जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी विजय प्रकाश इसी परिसर में एक ऐसी जगह चिह्नित करेंगे, जहां मूर्ति की स्थापना कराई जा सके। एडीएम पूनम निगम ने बताया कि डीएम के निर्देशन में दो सदस्यीय टीम बनाई गई है। इनकी रिपोर्ट पर नवरात्र से पहले मूर्ति स्थापना कराने का प्रयास किया जाएगा।
जेसीबी मशीन से तोड़ा जा रहा राधाकृष्ण मंदिर।- फोटो : ORAI
देवनगर चौराहे पर जाम के बाद वाहनों की लगी कतारें।- फोटो : ORAI