उरई। भाजपा ने जिले की तीन सीटों में से दो सीटों पर भले ही प्रतिष्ठा बचा ली हों। पर वर्ष 2017 से वर्ष 2022 में तीनों सीटों पर कुल 26.39 फीसदी मत की गिरावट आई है। इनमें से सबसे ज्यादा गठबंधन वाली सीट कालपी को 18.22 प्रतिशत वोट का नुकसान हुआ है। वहीं सपा की तीनों सीटों पर मतदान प्रतिशत बढ़ा है। उधर, बसपा तीनों सीटें हारी जरूर हैं पर दो सीटों पर बढ़ोत्तरी दर्ज की है। कांग्रेस का तीनों सीटों पर बुरा हाल रहा है।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिले की तीनों सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। वहीं सपा और कांग्रेस के गठबंधन होने की वजह से कालपी और माधौगढ़ कांग्रेस तो सिर्फ उरई सदर पर सपा का प्रत्याशी लड़ा था। उरई सदर सीट से वर्ष 2022 में भी प्रत्याशी रहे गौरीशंकर वर्मा को इस बार 5.97 फीसदी मत कम मिले हैं। वहीं माधौगढ़ से दूसरी बार लगातार प्रत्याशी बने मूलचंद्र निरंजन को भी इस बार 2.2 प्रतिशत मत को नुकसान झेलना पड़ा। सबसे ज्यादा नुकसान कालपी सीट को हुआ है। पिछली बार इस सीट पर चुनाव लड़े भाजपा के प्रत्याशी नरेंद्र सिंह जादौन को 46.70 फीसदी वोट मिले थे। जबकि वर्ष 2022 में इस सीट से लड़े भाजपा और निषाद पार्टी गठबंधन से लड़े छोटे सिंह को 28.29 फीसदी वोट मिलने की वजह से हार का सामना करना पड़ा।
वहीं वर्ष 2017 में उरई सदर से सपा-कांग्रेस गठबंधन से लड़े सपा के महेंद्र सिंह से वर्ष 2022 में सपा से अकेले लड़े प्रत्याशी दयाशंकर वर्मा को 10.13 प्रतिशत अधिक वोट मिले हैं। यदि इस बार के कांग्रेस प्रत्याशी उर्मिला खाबरी का मत प्रतिशत 1.72 फीसदी मत जोड़ लिया जाए तो यह प्रतिशत करीब 11.85 पहुंच जाता है। उधर, 2017 में माधौगढ़ विधानसभा से सीट कांग्रेस के खाते में गई थी। इस सीट से वर्तमान में सपा में कालपी से जीतने वाले नवनिर्वाचित विधायक विनोद चतुर्वेदी ने चुनाव लड़ा था। इस बार इस सीट से सपा ने राघवेंद्र सिंह को लड़ाया। जिन्हें विनोद से 8.98 प्रतिशत अधिक वोट मिले हैं। यदि इसमें कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ दीवौलिया के वोट जोड़े जाएं तो यह प्रतिशत 10.21 हो जाएगा।
उधर, बसपा के उरई सदर से वर्ष 2022 में प्रत्याशी सतेंद्र प्रताप ने पिछली बार लड़े विजय चौधरी से 7.63 प्रतिशत कम वोट हासिल कर पाए हैं। जबकि माधौगढ़ से लड़ीं शीतल कुशवाहा ने पिछली बार लड़े गिरीश अवस्थी से 2.47 प्रतिशत अधिक वोट मिले हैं। कालपी सीट से लड़े श्यामपाल ने वर्ष 2017 में इस सीट से लड़े छोटे सिंह जो वर्तमान में भाजपा और निषाद गठबंधन से लड़े हैं से 3.31 प्रतिशत अधिक वोट हासिल किए। हालांकि बसपा को तीनों सीट पर हार का सामना करना पड़ा।
2017 में पार्टियों को मिले मत का प्रतिशत
माधौगढ़ विधानसभा
वर्ष 2017 वर्ष 2022
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मूलचंद्र निरंजन (भाजपा) - 43.49 फीसदी - मूलचंद्र निरंजन (भाजपा) - 41.29
गिरीश अवस्थी (बसपा) - 25.10 फीसदी - राघवेंद्र सिंह (सपा) - 24.74
विनोद चतुर्वेदी (सपा-कांग्रेस गठंधन) - 18.76 फीसदी - शीतल कुशवाहा (बसपा) - 27.57
- सिद्धार्थ दीवौलिया (कांग्रेस) - 1.23
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कालपी विधानसभा
वर्ष 2017 वर्ष 2022
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नरेंद्र सिंह जादौन (भाजपा) - 46.70 फीसदी - छोटे सिंह (निषाद-भाजपा गठबंधन) - 28.29
छोटे सिंह (बसपा) - 24.01 फीसदी -विनोद चतुर्वेदी (सपा) - 29.48
उमाकांति (सपा-कांग्रेस गठंधन) - 23.42 फीसदी -श्याम पाल (बसपा) - 27.32
- उमाकांति सिंह (कांग्रेस) - 6.42
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उरई सदर विधानसभा
वर्ष 2017 वर्ष 2018
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गौरीशंकर वर्मा (भाजपा) - 53.42 फीसदी -गौरीशंकर वर्मा (भाजपा) - 47.45
महेंद्र सिंह (सपा-कांग्रेस गठबंधन) - 23.43 फीसदी -दयाशंकर वर्मा (सपा) - 33.56
विजय चौधरी (बसपा) - 21.88 फीसदी - सतेंद्र प्रताप (बसपा) - 14.25
-उर्मिला खाबरी (कांग्रेस) - 1.72