उरई। मनमाने तरीके से नो इंट्री में वाहन खड़ा करने पर तीन हजार रुपये जुर्माने की नोटिस बोर्ड लगाने के बाद जीआरपी बैकफुट पर आ गई है। कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी के ट्वीट के बाद अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद आननफानन में पुराने नोटिस बोर्ड हटाकर नए नोटिस बोर्ड लगा दिए है। इसमें जुर्माने की राशि नहीं खोली गई है। सिर्फ लिखा है कि नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने पर एमवी एक्ट में कार्रवाई और जुर्माना वसूला जाएगा।
बता दें कि उरई रेलवे स्टेशन में वाहन स्टैंड संचालक की ओर से जगह-जगह नोटिस बोर्ड लगाए गए थे। जिसमें लिखा था कि नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने पर तीन हजार रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। किसी ने इस मामले को जानकारी विधायक विनोद चतुर्वेदी को दी थी। उन्होंने सीएम समेत जीआरपी एसपी को ट्वीट किया था। इस पर जीआरपी एसपी मोहम्मद इमरान ने गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर से जवाब तलब किया था। एसपी का कहना था कि इंस्पेक्टर ने उन्हें बताया है कि यह बोर्ड उनके कार्यकाल के पहले के है और पार्किंग ठेकेदार की ओर से लगाए गए हैं। एसपी ने वाहन पार्किंग के ठेकेदार पर इस मामले में कार्रवाई के कहा। जीआरपी एसओ आरके सिंह का कहना है कि नोटिस बोर्ड उनके कार्यकाल के नहीं है। साथ ही इस ठेकेदार ने नहीं लगवाए है। पहले से ही लगे है। मामले की जांच पड़ताल की जाएगी कि किसकी अनुमति से नोटिस बोर्ड लगाए गए हैं। फिलहाल पुराने सभी बोर्ड हटवा दिए गए हैं और नए नोटिस बोर्ड लगाए गए हैं।