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मीठे वचनों से शत्रु भी बन जाता है मित्र

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जालौन में यज्ञ वेदी की परिक्रमा करते श्रदालु - फोटो : ORAI
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जालौन। दक्षिणेश्वर हनुमान मंदिर पर आयोजित शतचंडी महायज्ञ एवं देवी भागवत कथा के पहले दिन पर भागवताचार्य पं. रामश्याम तिवारी ने कहा कि मीठा बोलना मधु है और कड़वा बोलना कटु। मीठे वचनों से शत्रु भी मित्र बन जाता है और कड़वे बोल से मित्र भी शत्रु बन जाता है। कहा कि गोली का घाव तो कुछ समय बाद भर जाता है, लेकिन बोली का घाव कभी नहीं भरता, इसलिए मनुष्य को सदैव मीठे वचन बोलना चाहिए।
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कथा के दौरान उन्होंने देवी भागवत तथा भगवत्प्राप्ति की महत्ता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि देवी भागवत यज्ञ का बहुत महत्व है। जिसके लिए संकल्प लेकर यह आयोजन किया जाता है, उसे निश्चित रूप से सफलता मिलती ही है। भगवान के दर्शन से अधिक उन्हें पा लेना ही बड़ी सफलता है। यानी आत्मा और परमात्मा का मिलन ही सच्चा आनंद है।
कार्यक्रम में पूर्ण विधि विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नगर पालिकाध्यक्ष गिरीश कुमार गुप्ता, सतेंद्र खत्री, भूपेश बाथम आदि की उपस्थिति में भागवत कथा शुरु की गई। नौ कुंडीय श्रीशतचंडी महायज्ञ में पूजा अर्चना एवं हवन कुंड में आहुतियां देने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। महिला व पुरुष भक्तों ने यज्ञशाला की परिक्रमा की। यज्ञ मंडप में दुर्गा सप्तशती पाठ निरंतर जारी है। श्रीशतचंडी महायज्ञ प्रारंभ होने से नगर का माहौल भक्तिमय हो गया है। इस मौके पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही।
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