फोटो - 08 टोल से वूम हटाकर गाड़ियां निकालते लोग। सोशल मीडिया
आटा। टोल पर निकलने को लेकर अधिवक्ताओं व कर्मियों में झड़प हो गई। आरोप है कि अधिवक्ता तीन गाड़ियों को बिना टोल देकर निकाल ले गए जबकि कर्मियों ने एक गाड़ी को नहीं निकलने दिया। पुलिस जब तक पहुंचती तब तक गाड़ियां जा चुकी थीं। टोल कर्मियों का कहना है कि अधिवक्ताओं ने उनसे अभद्रता की है।
आटा टोल के कर्मचारियों का कहना है कि बुधवार की रात अधिवक्ता लिखी चार गाड़ियां पहुंचीं। टोल टैक्स मांगे जाने पर गाड़ी सवारों ने भुगतान से इन्कार कर दिया। उन्होंने स्वयं को बारा टोल का हवाला देते हुए टोल मुक्त बताते हुए गाड़ियां निकालने की जिद पकड़ ली।
इसी बात को लेकर टोल कर्मियों और गाड़ी सवारों के बीच कहासुनी शुरू हो गई जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। इस दौरान एक व्यक्ति द्वारा टोल बूम को हटाकर गाड़ी जबरन निकालने का प्रयास किया गया। इससे टोल प्लाजा पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही टोल मैनेजर अंकेश श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और गाड़ी में मौजूद लोगों से नियमानुसार टोल टैक्स देने की बात कही, लेकिन गाड़ी सवार लगातार बारा टोल का हवाला देते रहे।
काफी देर तक चले विवाद के बाद चार में से तीन गाड़ियां जबरन टोल पार कर निकल गईं जबकि एक गाड़ी को कर्मचारियों द्वारा रोके जाने पर वापस मोड़ दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने में थोड़ी देरी हो गई, तब तक विवाद में शामिल लोग टोल प्लाजा से निकल चुके थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर टोल प्लाजा का मुआयना किया और टोल कर्मियों से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली।
टोल मैनेजर अंकेश श्रीवास्तव ने बताया कि कुल चार गाड़ियां थीं। जिनमें से तीन गाड़ियां जबरन निकल गईं जबकि एक गाड़ी को वापस भेज दिया गया। मामले को लेकर आगे की कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को सूचना दी जा रही है।