आटा( उरई )। कृषि बिलों के विरोध में किसानों का आक्रोश थम नहीं रहा है। शुक्रवार को आक्रोशित किसानों और कांग्रेसियों ने आटा टोल के पास नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। सूचना पर कालपी एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंच गए। इन्होंने किसानों को समझाने का प्रयास किया। यह नहीं माने। जाम खुलवाने को लेकर प्रशासन व किसान नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। किसान जिला स्तरीय अधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग के साथ हाईवे पर बैठ गए। सूचना पर अपर जिलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। इन्होंने किसानों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। इस दौरान करीब 40 मिनट तक हाईवे जाम रहा। इससे झांसी-कानपुर आने जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी हुई। वहीं अन्य जगह भी किसानों ने विरोध, प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया।
कृषि बिलों को लेकर पूरे देश के किसानों में आक्रोश है। किसान बिलों को वापस लेने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से सड़कों पर हैं। इस बिल के विरोध की आग जिले में भी दिखाई दी। शुक्रवार को कांग्रेसी, भारतीय किसान यूनियन के नेता, कार्यकर्ता और किसान आटा के उकासा मोड़ पर इकट्ठे हुए। दोपहर 12 बजे झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे हाईवे के दोनों ओर करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी-लंबी लाइनें लग गईं। सूचना पर कालपी एसडीएम जयेंद्र कुमार, सीओ कालपी आरपी सिंह कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। इन्होंने जाम खुलवाने का प्रयास किया। किसान और कांग्रेसी नेता नहीं माने। जाम खुलवाने को लेकर किसान नेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों में तीखी नोकझोंक हुई। किसानों की मांग थी कि मौके पर जिला स्तर के अधिकारी आकर ज्ञापन लें। तभी जाम खुलेगा। काफी देर वाद विवाद होता रहा। बाद में अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह को सूचना दी गई। इस पर एडीएम और अपर एसपी अवधेश कुमार मौके पर पहुंच गए। इस दौरान किसानों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार राजपूत ने कहा कि केंद्र सरकार के पारित कृषि अध्यादेश किसान विरोधी हैं। इनका पूरे देश में विरोध हो रहा है। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुज मिश्रा ने कहा कि सरकार किसान विरोधी है। वह पूंजीपतियों और बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किसानों के हितों पर डाका डाल रही है। जिलाध्यक्ष ने एडीएम प्रमिल कुमार को ज्ञापन देकर इन बिलों को वापस लिए जाने की मांग की। इस दौरान किसान यूनियन जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार राजपूत, उपाध्यक्ष सिद्धार्थ दिवोलिया, चंद्रपाल गुर्जर, भगवान दास, रामकुमार पटेल, देवकरन सिंह, देवेंद्र, अमित द्विवेदी, अमित पांडे आदि धरने पर पहुंचे। करीब 40 मिनट तक नेशनल हाईवे के दोनों रूट बंद रहे। धरना खत्म होने के बाद पुलिस ने जाम खुलवाया। इस दौरान राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम में फंसी रहीं एंबुलेंस, हुई परेशानी
किसानों के प्रदर्शन की वजह से नेशनल हाईवे करीब 40 मिनट तक ठप रहा। जाम में आम राहगीरों के साथ-साथ जिले से कानपुर जाने वाली एंबुलेंस फंसी नजर आईं। इससे मरीजों और तीमारदारों को काफी परेशानी हुई। पुलिस ने मुश्किल से इक्का दुक्का गाड़ियों को जैसे तैसे निकलवाया।
हाथ जोड़ते रहे एसडीएम, नहीं खुला जाम
जाम की सूचना पर कालपी एसडीएम जयेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जाम खुलवाने के लिए किसान और कांग्रेसी नेताओं के हाथ जोड़े। इनका दिल नहीं पसीजा। बाद में एसडीएम ने मामले की जानकारी जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी को दी।
जाम से धूप में बेहाल हुए लोग
किसानों के प्रदर्शन से आटा टोल के दोनों ओर जाम की स्थिति बनी रही। कानपुर-झांसी की ओर आने जाने वाली बसों में सवार लोगों का तेज धूप और गर्मी से बुरा हाल रहा। ट्रकों का धुआं गर्मी को और बढ़ा रहा था। वहीं कारों और दो पहिया वाहनों पर सवार लोग प्रदर्शन के दौरान रोड पर खड़े होकर पसीना पोंछते नजर आए।
किसानों के तेवर से डीएम, एसपी भी रहे सतर्क
कृषि बिलों को लेकर किसानों में आक्रोश को देखते हुए डीएम डॉक्टर मन्नान अख्तर और एसपी यशवीर सिंह पूरी तरह से सतर्क रहे। रेलवे स्टेशन पर कोई ट्रेन न रोकी जा सके, इसके लिए सुबह से दोनों अधिकारी लाव लश्कर के साथ स्टेशन पर पहुंच गए। यहां जीआरपी व आरपीएफ को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।