रेलवे स्टेशन पर खड़ी झांसी-लखनऊ पैसेंजर ट्रेन।
उरई। झांसी से लखनऊ के बीच चलने वाली झांसी-लखनऊ पैसेंजर 30 दिनों तक निरस्त रहेगी। इससे इस रूट के यात्रियों की परेशानियां बढ़ेगीं।
लखनऊ डिवीजन में मरम्मत के काम के चलते रेल प्रशासन ने झांसी से लखनऊ और लखनऊ से झांसी के बीच संचालित होने वाली ट्रेन नंबर 51813-14 को 8 जून से 9 जुलाई तक निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अपरिहार्य कारणों के चलते ट्रेन का संचालन निरस्त किया गया है।
बता दें कि जनवरी माह से लगभग हर महीने झांसी-लखनऊ पैसेंजर के निरस्त होने से यात्री नाराज हैं। 10 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान यह ट्रेन रद्द रही। मार्च महीने में उन्नाव के शुक्लागंज स्थित गंगापुल पुल पर काम के चलते 20 मार्च से 29 अप्रैल तक यह ट्रेन निरस्त कर दी गई थी।
अब फिर इस ट्रेन को 8 जून से 9 जुलाई तक निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। यात्री मनोज, राघवेंद्र, अखिल भारतीय पाल बघेल धनगर महासभा के जिलाध्यक्ष कृष्ण मोहन पाल उर्फ रानू, किसान नेता मंगल सिंह खंगार का कहना है कि पैसेंजर ट्रेन का किराया रोडवेज बस के मुकाबले बहुत कम है। साथ ही यह सुरक्षित भी है। ऐसे में ट्रेन के संचालन को रद्द करना ठीक नहीं है।
इस समय एक्सप्रेस ट्रेनें के जनरल और स्लीपर कोच में पैर रखने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। ऐसे में पैसेंजर जैसी ट्रेन को रद्द करने से यात्रियों को ज्यादा दिक्कत होगी। क्योंकि यह झांसी और लखनऊ जाने वाली नियमित ट्रेन है। भले ही इसका संचालन कानपुर तक कर दिया जाए, लेकिन इसे एक महीने के लिए निरस्त नहीं किया जाए।