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जालौन: बंदी रक्षक पर सिपाही ने लगाया फायर झोकने का आरोप, जिला कारागार उरई के बाहर का मामला

Wed, 26 Jan 2022 09:51 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला नेटवर्क, जालौन

सार

उरई जेल के बाहर पीएसी सिपाही अभिषेक शर्मा और अभिषेक सिंह खड़े हुए थे। आरोप है कि तभी वहां पर उन लोगों से रंजिश रखने वाला बंदी रक्षक वीरेंद्र सिंह वहां आया और अभिषेक शर्मा से अभद्रता करते हुए गाली गलौज करने लगा। मना करने पर बंदी रक्षक वीरेंद्र ने तमंचे से अभिषेक शर्मा पर दो फायर किए और वहां से भाग गया।
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मौके पर घटना की जानकारी लेते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उरई जेल के बाहर बुधवार शाम 7:00 बजे के लगभग जेल में ड्यूटी पर तैनात बंदी रक्षक ने सिपाही पर तमंचे से फायर कर दिया। इसके बाद मौके से भाग गया। हालांकि फायरिंग की घटना में दूसरा सिपाही बाल-बाल बच गया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस एएसपी, सीओ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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उरई जेल के बाहर पीएसी सिपाही अभिषेक शर्मा और अभिषेक सिंह खड़े हुए थे। आरोप है कि तभी वहां पर उन लोगों से रंजिश रखने वाला बंदी रक्षक वीरेंद्र सिंह वहां आया और अभिषेक शर्मा से अभद्रता करते हुए गाली गलौज करने लगा। मना करने पर बंदी रक्षक वीरेंद्र ने तमंचे से अभिषेक शर्मा पर दो फायर किए और वहां से भाग गया।

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पीएसी में तैनात सिपाही अभिषेक शर्मा ने आरोप लगाते हुए बताया कि बंदी रक्षक वीरेंद्र सिंह उन लोगों से किसी बात को लेकर रंजिश रखता है। जेल के बाहर हुई फायरिंग से अचानक वहां सुरक्षा में तैनात सिपाहियों में भगदड़ मच गई। इसके बाद सिपाही अभिषेक शर्मा ने उच्चाधिकारियों को जानकारी देते हुए पुलिस को भी सूचना दी। फायरिंग की सूचना पर मौके पर एएसपी राकेश सिंह, सीओ सिटी विजय आनंद, कोतवाल शिव कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की।

इस बाबत जेल अधीक्षक सुनीत कुमार सिंह का कहना है की आरोपी बंदी रक्षक वीरेंद्र सिंह फर्रुखाबाद का निवासी है और 2015 में वह बंदी रक्षक के पद पर तैनात हुआ था। फिलहाल वह फरार है। मामले की पूरी जानकारी कर तहरीर कोतवाली पुलिस को दे दी जाएगी। इस बाबत सीओ सिटी का कहना है कि फायरिंग की सूचना मिली थी। जांच पड़ताल चल रही है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

चार माह से खराब हैं कैमरे

वहीं घटना के बाबत जब जेल अधीक्षक से कैमरे से रिकॉर्डिंग निकालने के बारे में बोला गया तो उन्होंने जानकारी दी कि जेल के कैमरे पिछले चार माह से खराब पड़े हुए हैं। इसकी जानकारी मुख्यालय में हर 15 दिन में दी जाती है लेकिन अभी तक कैमरे को सही नहीं करवाए गए हैं। इस वजह से घटना की सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल सकती है।
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