उरई। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में सैकड़ों ऐसे किसान हैं, जो अपात्र होते हुए भी योजना का लाभ ले रहे हैं। अब ऐसे अपात्रों पर कृषि विभाग शिकंजा कसने जा रहा है। कृषि विभाग ने न सिर्फ ऐसे किसानों की जांच के लिए सर्वे शुरू किया है, बल्कि ऐसे अपात्रों को स्वयं योजना से बाहर होने का अंतिम मौका दिया है।
उप कृषि निदेशक आरके तिवारी ने बताया कि ऐसे अपात्र स्वयं ही कार्यालय में पत्र देकर योजना छोड़ सकते हैं। उन पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन जांच में पकड़े जाने पर रिकवरी के साथ-साथ कार्रवाई भी की जाएगी। बता दें किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए देश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। इसमें किसानों को हर साल दो-दो हजार रुपये तीन किस्तों में दिए जाते हैं। इस योजना में जिले के हजारों किसानों ने आवेदन किया है।
कृषि उपनिदेशक ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ कुछ अपात्र ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि शासन ने ऐसे अपात्रों के लिए एक मौका दिया है। वह स्वत: ही सम्मान निधि योजना से बाहर हो जाए। जिसके लिए उन्हें विभाग में आकर योजना छोड़ने को लेकर अपना प्रार्थना पत्र देना होगा, जिससे वह बिना किसी कार्रवाई के योजना से बाहर हो जाएंगे, लेकिन अगर व जांच में पकड़े जाते हैं तो पैसों की रिकवरी के साथ-साथ उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- ये है पात्रता श्रेणी।
- पेशेवर व्यक्ति आयकर दाता न हो
- भूतपूर्व अथवा वर्तमान संवैधानिक पदधारक न हो
- जिनकी पेंशन 10000 प्रति माह से अधिक न हो
- किसी सरकारी पद पर कार्यरत न हो