झांसी कानपुर हाईवे पर मजदूरों को रोकते अनीश
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मुहम्मदाबाद। सरकार के तमाम इंतजामों के बाद भी देश के विभिन्न राज्यों से प्रवासी मजदूरों का अपने निजी वाहनों से आने का सिलसिला थम नहीं ले रहा है। सोमवार को भी प्रवासी मजदूर टैक्सी, जुगाड़ गाड़ी, लोडर, पिकअप, ट्रक आदि वाहनों से आते रहे।
दिल्ली में मजदूरी करने वाले कुलपहाड़ (महोबा) के प्रमोद, मुन्ना, गंगाराम, मन्नो देवी जुुगाड़ गाड़ी से दिल्ली से चलकर जनपद पहुंचे। उनका कहना है कि कोई वाहन न मिलने के कारण 16 मई को दिल्ली से जुगाड़ गाड़ी से चले थे और सोमवार 18 मई को उरई पहुंच पाए। अब उन्हें कुलपहाड़ तक जाना है। वहीं वापी में पिकअप से लौट रहे जुनैद खान, सलीम, रहीस, सलमा, तबस्सुम, सुहैल आदि ने बताया कि वह गुजरात में एक फैक्ट्री में काम करते थे। फैक्टरी बंद हो जाने के कारण खाने रहने की समस्या आ गई।
हम फर्रुखाबाद जनपद के मुहम्मदाबाद निवासी है और अपने घर लौट रहे हैं। वहीं झांसी कानपुर हाईवे पर अनीस खान हाथों में तख्तियां लेकर प्रवासी मजदूरों को रोकते हुए दिखाई दिए। अनीस उन्हें रोककर प्रवासी मजदूरों के लिए खाना पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। रास्ते में नाश्ता, पानी मिलने पर प्रवासियों के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी।
मुहम्मदाबाद में जुगाड़ गाड़ी से दिल्ली से महोबा के कुलपहाड़ जाते- फोटो : ORAI
गुजरात के जिला वापी से लौटकर लोडर में भरकर फर्रुखाबाद जाते लोग- फोटो : ORAI