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लॉकडाउन में नौकरी जाने से परेशान होकर कूदा था तालाब में, शव मिला

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उरई। लॉकडाउन में नौकरी चले जाने और उसके बार रोजगार न मिलने से आहत होकर औरैया के युवक ने उरई के एक तालाब में कूदकर जान दे दी थी। सोमवार को उसका शव उतराता मिला। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया है। यह युवक दिल्ली में साक्षात्कार होने की बात कह गुरुवार को घर से निकला था। रविवार को तालाब किनारे कपड़े, एटीएम और आधार कार्ड देखकर पुलिस को सूचना दी गई थी।
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शहर कोतवाली के झांसी कानपुर हाईवे पर स्थित बड़ागांव में एक खेत में बने तालाब के किनारे पर ग्रामीणों ने कपड़े, एटीएम (कागज में लिखा पिन) और आधार कार्ड रखा देखा था। इस पर काफी देर बाद युवक के तालाब में कूदने की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने जांच पड़ताल कर आधार कार्ड के सहारे
परिजनों को सूचना दी। परिजनों के सामने ही पुलिस ने गोताखोर बुलवाकर युवक की तलाश कराई। सोमवार दोपहर को शव तालाब में उतराता मिल गया। शिनाख्त औरैया जनपद के सत्तेश्वर मंदिर के पास रहने वाले पंकज विश्नोई (37) के रूप में हुई। परिजनों में कोहराम मच गया। पंकज के भाई नीरज ने बताया कि पंकज औरैया से गुरुवार की दोपहर दिल्ली में नौकरी के लिए साक्षात्कार देने की बात कहकर निकला था। मोबाइल घर पर ही छोड़
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गया था। इसके पहले वह दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। लॉकडाउन में नौकरी चली गई थी। तभी से वह परेशान रहता था। पंकज तीन भाइयों में सबसे छोटा था। पंकज के पिता श्रीगोविंद, मां कमलेश कुमारी, पत्नी ज्योति, बेटा प्रिंस, बेटी सृष्टि रो-रो कर बेहाल हैं।
जागरुकता की कमी कहें या पुलिस का डर, आज भी लोग घटना होने के बाद पुलिस को सूचना देने में डरते हैं। कुछ लोगों का कहना है कि युवक रविवार सुबह करीब नौ बजे से पहले ही तालाब में कूद चुका था। लिखापढ़ी, पुलिस के कई सवाल-जवाबों से बचने के लिए किसी ने भी पुलिस को सूचना नहीं दी। दोपहर बाद बड़ी हिम्मत कर कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। अब ग्रामीण अफसोस कर रहे कि शायद समय पर सूचना दी होती तो हो सकता है जीवन बच जाता।
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