उरई (जालौन)। बेमौसम बारिश के साथ आंधी व ओले गिरने से आर्थिक तंगी से जूझ रहा जिले का किसान कराह उठा है। शनिवार रात हुई ओलावृष्टि से गेहूं, मटर, चना, सरसों आदि की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। वहीं कुछ क्षेत्रों में नुकसान का आंकड़ा शत प्रतिशत है, जिससे किसान परेशान है। हालांकि बारिश में हुए नुकसान को देखते हुए जिलाधिकारी सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए है कि जल्द से जल्द सर्वे पूर्ण कर रिपोर्ट दें जिससे कि किसानों को मुआवजा दिलाया जा सके। वहीं तेज आंधी व पानी से जिले में कई जगहों से टिन टप्पर गिरने की सूचना मिली है, लेकिन गनीमत है कि किसी क्षेत्र में बारिश की वजह से कोई जन हानि नहीं हुई है।
बंगरा क्षेत्र के ग्राम मिझौना में शनिवार रात को हुई जबरदस्त ओलावृष्टि व बारिश के बाद फसलों के नुकसान का मुआयना करने पहुंचे लेखपाल ओम नारायण चतुर्वेदी व किसानों के बीच तीखी झड़प हो गई। आक्रोशित किसानों ने लेखपाल पर सर्वे के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगाकर बंगरा-गोपालपुरा मार्ग पर जाम लगा दिया। आरोप है कि लेखपाल नुकसान का सर्वे करने के नाम पर किसानों से पांच-पांच सौ रुपए की मांग कर रहे थे। जैसे ही जाम के बारे में प्रशासन को खबर लगी तो तत्काल एसडीएम माधौगढ़ सालिगराम, तहसीलदार व सीओ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान जिलाधिकारी को गांव बुलाने एवं लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार में कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
काफी देर बाद लेखपाल को हटाने व कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और जाम खोला। करीब डेढ़ घंटे लगे जाम से बंगरा से भिंड व ग्वालियर जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान किसान रमाकांत बसेडिया, पप्पू मिश्रा, सोनू मिश्रा, लल्लू मिश्रा, रिंकू हिंगवासिया, कुलदीप झा, अमित परिहार, सुरेश सक्सेना, लल्लू राठौर, रवि बसेडिया, भगवानदास दीक्षित, गंगा सिंह, मनोज बसेडिया, शिव कुमार, नीरज व्यास, संजय नाई, नीरज पचौरी, महेंद्र यादव, राम रूप प्रजापति दर्जनों किसान उपस्थित रहे। वहीं उप जिलाधिकारी सालिगराम ने बताया कि मामले में गांव के लेखपाल को अस्थायी तौर पर हटा दिया है। उनकी जगह अब गांव के सर्वे की जिम्मेदारी लेखपाल उदय तिवारी को दे दी गई है। पैसे मांगने के मामले की जांच की जा रही है। अगर लेखपाल दोषी पाए जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बारिश व आंधी से हुआ नुकसान
सिरसाकलार। क्षेत्र के कस्बा सहित जखा, भिटारी, दमरास, जहटौली, छानी, मलथुआ, तरसौर लगभग दो दर्जन गांवों में बेमौसम आंधी तेज बारिश से काफी नुकसान हुआ है।
किसान शत्रुघ्न सिंह, कमल सिंह, तुलसीराम, पवन आदि का कहना है कि शनिवार रात को तेज बारिश व आंधी से गेहूं, ज्वार, लाही, अरहर, चना में नुकसान से किसान चिंतित है। किसानों के अनुसार गेहूं में दाना पड़ने लगा है, जिससे गेहूं गिरने से गेहूं ज्वार की जड़ें हिल जाती ह। अब गेहूं ज्वार गिरने से दाना हल्का हो जाएगा। इससे उपज काफी कम होने के संभावना बढ़ जाती है। वहीं लाही व अरहर तेज हवा से गिर गई है। किसानी का कहना है कि सरकार को जल्द ही सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कर जल्द से जल्द मुआवजा देना चाहिए।
कदौरा में मटर की कटी फसल भीग जाने के बाद सही करता किसान- फोटो : ORAI
बंगरा में जाम लगाए किसान- फोटो : ORAI
सरावन में मटर की फसल खराब हो जाने के बाद बैठे किसान- फोटो : ORAI
सिरसा कलार में बारिश से बर्बाद हुई गेहूं की फसल- फोटो : ORAI