उरई। आयुष्मान कार्ड धारकों से ऑपरेशन के लिए 15-15 हजार रुपये वसूलने का मामला प्रकाश में आया है। लाभार्थी अपना रोना जिला के स्टाफ के सामने रोया है। वह जल्द अधिकारियों से भी शिकायत करेंगे।
जिले में 1,05,042 लाभार्थी परिवारों को आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है। इसमें 1,61,000 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। आयुष्मान कार्ड में पांच लाख रुपये तक की है निशुल्क इलाज की व्यवस्था है। इसमें अब तक 13 हजार से ज्यादा मरीजों को योजना के तहत विभिन्न अस्पतालों में इलाज मुहैया कराया जा चुका है। इसके बावजूद कुछ डॉक्टर योजना को पलीता लगा रहे हैं। इसमें जिला अस्पताल के डाक्टर भी शामिल हैं। जिला अस्पताल में योजना का कोई पुरसाहाल नहीं है। हालत यह है कि आयुष्मान मरीजों के लिए आयुष्मान वार्ड बना हुआ है। पर इसमें मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है। आयुष्मान मरीजों को सामान्य मरीजों के साथ नीचे वार्ड में रखा जाता है। आयुष्मान मरीजों के लिए आरक्षित वार्ड में ताला लटक रहा है। सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा का कहना है कि उनके पास फिलहाल मरीजों ने शिकायत नहीं की है। यदि लिखित शिकायत आती है तो संबंधित चिकित्सक से स्पष्टीकरण मांगकर कार्रवाई की जाएगी।
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फोटो-23-पानसिंह।
शहर के मोहल्ला उमरारखेरा निवासी पान सिंह ने बताया कि वह मकानों के निर्माण में मजदूरी का काम करते हैं। पत्नी राजकुमारी (42) पिछले दिनों छत से गिर गईं थीं। जिला अस्पताल में प्लेट डलवाई तो डॉक्टर ने 14 हजार रुपये लिए। साथ ही दवाई भी बाहर से लिख दी। उन्होंने कहा कि उनके पास आयुष्मान कार्ड था और डाक्टर को भी बताया था लेकिन इसके बावजूद रुपये ले लिए गए। ऐसे में आयुष्मान कार्ड का क्या फायदा है।
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फोटो-22-सिद्धगोपाल।
कदौरा ब्लाक के जमरेही निवासी सिद्धगोपाल बताते हैं कि उनके पास आयुष्मान कार्ड है। पत्नी ममता बीती 28 फरवरी को छत से गिर गई थी। उनके हाथ पैर में चोट आई थी। उन्होंने जिला अस्पताल में हाथ का आपरेशन कराया, डाक्टर ने 15 हजार रुपये ले लिए। उनके पास खेती कम है, जिसमें वह गुजर बसर करते हैं। पर आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद डॉक्टर ने यह कहकर रुपये लिए कि आपरेशन अच्छा हो रहा है।
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