उरई। भीषण गर्मी और उमस के बीच वायरल बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। एक ओर जहां स्वास्थ्य विभाग तीसरी लहर की तैयारी में जुटा है। वहीं वायरल बुखार और डेंगू ने अधिकारियों की परेशानी और बढ़ा दी है। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अधिकारियों के मुताबिक करीब डेढ़ से दो माह पहले जिन मरीजों की संख्या 700 से 800 के बीच रहा करती थी, वह अब 1000 से 1100 तक पहुंच गई है।
बताते चलें कि जिले के डेंगू के दो मरीज झांसी के जिला अस्पताल में चिन्हित किए गए थे। इसके बाद से ही अधिकारी पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। जिला अस्पताल में पहले से ही स्थापित डेंगू वार्ड की साफ-सफाई कराकर वहां डॉक्टरों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। सीएमएस डॉ एके सक्सेना ने बताया कि फिलहाल वार्ड में डेंगू का कोई मरीज नहीं भर्ती है। फिर भी तैयारी पूरी है। यदि किसी मरीज की जांच में डेंगू निकलता है तो उसे तत्काल इलाज मिलेगा। इसके अलावा बुखार अथवा वायरल पीड़ित मरीजों के खून की जांच भी कराई जा रही है।
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मलेरिया विभाग भी बांट रहा दवाएं
मलेरिया विभाग भी बीमारी की रोकथाम के लिए कमर कसे हुए है। जिला मलेरिया अधिकारी जीएस स्वर्णकार ने बताया कि विभाग की ओर से सभी तहसीलों में फागिंग कराई जा रही है। इसके अलावा जहां भी बुखार, खांसी के मरीज मिल रहे हैं। तो उन इलाकों में दवाओं का वितरण किया जा रहा है।
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बरतें सावधानी
- अत्याधिक ठंडी चीजों का सेवन न करें।
- तला या भुना खाने से परहेज करें।
- घरों के आसपास साफ सफाई रखें।
- आसपास जलभराव बिल्कुल भी न होने दे।
- खुले में सोने से बचे, पूरी आस्तीन की शर्ट पहनकर सोएं
सर्दी या बुखार महसूस होने पर डाक्टर की सलाह लें।
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डॉक्टर हैं नहीं, रोजाना आ रहे 20 मरीज
आटा। परासन में नया स्वास्थ्य केंद्र वार्ड ब्वाय के सहारे चल रहा है। राकेश कुमार ने बताया कि इस वक्त 15 से 20 मरीज रोजाना वायरल बुखार के आ रहे हैं। जो दवाई होती हैं वे मरीजों को दी जा रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि एक डाक्टर की तैनाती है। पर वे कभी आते नहीं हैं। इससे मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण धर्मेंद सिंह, सुनील तिवारी, गोविंद सिंह आदि ने बताया अस्पताल परिसर में गंदगी की भी भरमार है।
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