उरई। हैलो, अपराधी का साथ दे रहे हो। अगर बताए गए खाते में रुपये नहीं भेजे तो जेल जाना पड़ेगा। साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए रोज नए-नए तरीके अख्तियार कर रहे हैं। जिले में भी कई लोग इनके शिकार होकर लाखों रुपये गवां चुके हैं। बाद में जब लोगों ने उन नंबरों के बारे में पता किया तो जानकारी हुई कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। पीड़ितों ने साइबर थाने में शिकायत की है।
साइबर ठगों ने एक नया तरीका अख्तियार कर लिया है। इसमें वह ऐसे लोगों की तलाश करते हैं, तो किसी आरोपी के सगे संबंधी होते हैं। वह फोन कर कहते हैं, कि तुम आरोपी का साथ दे रहे हो। वह क्राइम ब्रांच लखनऊ, दिल्ली, मुंबई आदि बताकर बात करते हैं। इसके बाद वह अपना नंबर बताकर रुपये भेजने की बात करते हैं। इसके साथ ही वह धमकी देते हैं, अगर बताए गए नंबरों पर पैसे नहीं भेजा तो गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इससे डरकर लोग उनके बताए गए नंबरों पर रुपये भेज देते हैं।
इसके बाद जब वह उन नंबरों की जानकारी करते हैं, तो बाद में वह नंबर बंद बताते हैं। जिले में भी कई लोग ऐसी धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं। उन्होंने साइबर थाने में इसकी शिकायत की है। एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि साइबर ठग तरह तरह के तरीके निकालकर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं। इससे बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनजान नंबर से सावधान रहें। किसी भी लिंक व एप के बारे में जानकारी करने के बाद ही उसे खोले। ओटीपी व खाता नंबर किसी को नहीं बताए। कोई भी फोन आता है, तो पुलिस से शिकायत करें।
केस - एक
दुष्कर्म के आरोपी का दे रहे हो साथ
उरई। कोंच कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने बताया कि उसका एक रिश्तेदार दुष्कर्म का आरोपी है। कुछ दिन पहले उसके मोबाइल नंबर पर अनजान व्यक्ति का फोन आया कि उसने कहा कि वह क्राइम ब्रांच से बात कर रहा है। तुम आरोपी की सहायता कर रहे हो। तुमको भी जेल जाना पड़ेगा। इस पर वह डर गया और पूछने पर उक्त ने बताया कि अगर बचना है तो उसके खाते में बीस हजार भेज दो। इस पर उसने रुपये भेज दिए।
केस - दो
महिला की मौत के मामले में तुम भी थे शामिल
उरई। सिरसाकलार थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने बताया कि उसकी रिश्तेदारी में एक महिला की मौत हो गई थी। उसके पास एक नंबर से फोन आया कि आपकी रिश्तेदारी में जिस महिला की मौत हुई थी। नंबरों से जानकारी हुई है कि तुम भी इस घटना में शामिल थे। इस पर युवक डर गया और उसने 14 हजार उसके बताए खाते में भेज दिए। बाद में पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है।