उरई। जिला अस्पताल के मरीजों को सर्दी से बचाने के लिए रेडिएंट वार्मर लगाए गए हैं तो महिला अस्पताल में ब्लोअर लगा दिए गए हैं। यह सुविधा अमर उजाला में 16 दिसंबर के अंक में खबर छपने के बाद अस्पताल प्रशासन ने उपलब्ध कराई है।
दरअसल अमर उजाला ने शनिवार की रात जिला अस्पताल और महिला अस्पताल की पड़ताल कर ठंड से ठिठुर रहे मरीजों की समस्या प्रमुखता से उठाई थी। इसे संज्ञान में लेकर अस्पताल प्रशासन ने मरीजों को सर्दी से बचाव के लिए इंतजाम किए हैं।
बता दें कि सर्दी शुरू हो गई है और रात का तापमान पांच डिग्री तक पहुंच गया है। ऐसे में शीतलहर से लोग ठंड से ठिठुर रहे हैं। अस्पतालों में इंतजाम न होने के कारण मरीज परेशान थे। मरीजों की परेशानी होने पर अमर उजाला ने पड़ताल करती खबर सोमवार के अंक में प्रकाशित की थी।
इसे संज्ञान में लेकर जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि 15 रेडिएंट वार्मर लगवाए गए है।
इनमें आर्थो वार्ड में तीन, सर्जिकल वार्ड में एक, वीआईपी वार्ड में एक, फीमेल वार्ड में एक, आयुष्मान वार्ड में एक, मेडिकल वार्ड, सेफ हाउस में एक-एक, एनआरसी वार्ड में एक, जीरियाट्रिक वार्ड में एक, ट्रामा सेंटर में दो व एक रेडिएंट वार्मर कार्यालय में लगाया गया है। ठेकेदार से कहकर खिड़कियां भी दुरुस्त करा दी गई है।
इसी तरह महिला अस्पताल में भी ब्लोअर लगा दिए गए। जिन कर्मचारियों ने हीटर लगवाए थे, वहां से हीटर हटा दिए गए। सीएमएस महिला अस्पताल डॉ. सुनीता बनौधा ने बताया कि रॉड वाले हीटर पर शासन स्तर से रोक लगा दी गई है। उनकी जगह पर ब्लोअर लगाए जा रहे है। उन्होंने कहा कि सभी मरीजों को एक की बजाय अब दो कंबल दिए जाएंगे। कंबल देने में लापरवाही बरतने पर संबंधित कर्मचारी और इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई होगी।
महिला अस्पताल में आई प्रसूताओं की तीमारदार पूनम, सियारानी, सुमित्रा, उर्मिला, महादेवी आदि ने खुशी होकर कहा कि लला ऐसा का लिख दियो, जो मशीन आ गई। अब सर्दी नहीं लगत है।