उरई। प्रदेश सरकार में किसानों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है और गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन पहली प्राथमिकता है। यह बात बीज विकास निगम के उपाध्यक्ष राजेश्वर सिंह ने सहकार भारती के तत्वावधान में आयोजित किसान कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि जनपद जालौन में मटर, टमाटर और मिर्च के लिए बीज कोल्ड स्टोरेज व मार्केटिंग के माध्यम से किसानों की आय दुगनी करने में सरकार मदद करेगी। क्षेत्रीय विधायक नरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि जिले के विकास के लिए प्रदेश सरकार पर्यटन पर भी बढ़ावा दे रही है। इसी के तहत कालपी के सूर्य मंदिर को पर्यटन में शामिल किया हैं। किसान विकास कार्यशाला के मुख्य वक्ता कृषक श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि प्राकृतिक खेती एवं अन्य उत्पादों के माध्यम से गो पालक, किसान अपनी खेती की लागत को कम करते हुए अपनी आय को बढ़ा सकता हैं। एक गाय अथवा बैल से प्रतिदिन प्राप्त होने वाले पांच से सात लीटर गोमूत्र तथा दस किलो गोबर से एक वर्ष में दस एकड़ खेती आसानी से कर सकता है।
सहकार भारती के प्रदेश महामंत्री डा. प्रवीण सिंह जादौन ने कहा कि किसान औद्यानिक सहकारी समिति का गठन कर मधुमक्खी पालन, सब्जी उत्पादन, फूलों की खेती कर आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। नाबार्ड के माध्यम से हाट योजना किसान उत्पादक कंपनी बनाकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को लाभ दिया जा रहा है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख मौधगढ़ सुदामा दीक्षित ने कहा कि जनपद में माधौगढ़ का उच्च गुणवत्ता युक्त गुड़ एवं देशी घी प्रसिद्ध था, जनपद में चीनी मिल की स्थापना से किसानों की आय में वृद्धि होगी। अनिल शर्मा, किसान नेता जेंटेर सिंह, कौशल सिंह, जिला पंचायत सदस्य बालक दास पाल, हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी ब्रज बिहारी गुप्ता, सहकार भारती की आर्थिक प्रकोष्ठ की संयोजिका विनीता पांडे, प्रदेश कार्य समिति के सदस्य सुरजीत सिंह जिला, प्रभारी अजय महतेले, कृषि वैज्ञानिक राजेंद्र सिंह भदौरिया, डा. नवाब सिंह जादौन ने कार्यशाला में अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर वाहिनी के जिला अध्यक्ष राजा सिंह सेंगर, जिला सयोजक रविंद्र सिंह परमार, विश्व हिंदू महासंघ के जिला प्रभारी ओंकार सिंह सेंगर, पवन सिंह चौहान, समर सिंह, रूरा अड्डू आदि उपस्थित रहे।