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मरीजों को खिलाई गई हाथीपांव बीमारी रोकने की दवा

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उरई। लोगों को घर के पास ही स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए हर रविवार को लगाए जा रहे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मेले में मरीजों को फाइलेरिया की दवा भी खिलाई गई। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का शुभारंभ झांसी से आए संयुक्त निदेशक डा. जेके गुप्ता ने मोहल्ला उमरारखेरा स्थित नगरीय स्वास्थ्य केंद्र में फाइलेरिया की दवा खिलाते हुए कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए अभियान शुरू हो गया है। 17 से 29 फरवरी तक टीमें घर घर जाकर दवा खिलाएंगी। टीमें नियमानुसार सभी लोगों को दवा खिलाएं।
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इसके अलावा हरदोई गूजर, सोमई, दिरावटी, सदूपुरा, गोवर्धनपुरा, कुदारी, भेड़, रेंढर, नावली, आटा,परासन, महेबा, महेबा, चुर्खी, न्यामतपुर, वीरपुरा, शेखपुर बुजुर्ग, शहजादपुरा,उरगांव, सिरसाकलार, ईटों, मड़ोरी, गोपालपुरा, सरावन, गोहन, सिरसादोगढ़ी, नावर, जगम्मनपुर, पतराही,नरौल, तुफैलपुरवा, बघौरा, हरीपुरा, गोखलेनगर, उदनपुरा आदि में स्वास्थ्य मेलों में मरीजों का इलाज के साथ फाइलेरिया की दवा भी खिलाई गई। इस दौरान एसीएमओ डा. बीएम खैर, डीएमओ डा. जीएस स्वर्णकार, बायोलाजिस्ट सीएल बघेल, चिकित्साधिकारी डा. मनोज दीवौलिया, पीसीआई के जिला प्रतिनिधि सुनील गुप्ता, प्रबल प्रताप सिंह, रामप्रकाश, संजीव चंदेरिया, डाली, पूनम, गीता सिंह, विनीता, कीर्ति, शशि, अवधेश शर्मा आदि रहे।
जालौन में फाइलेरिया रोगियों की स्थिति
डीएमओ डा. जीएस स्वर्णकार ने बताया कि 2019-20 में जिले में पैर से फाइलेरिया संबंधी 524, हाथ के 98, स्तन संबंधी 19, अंडकोष संबंधी 93 समेत कुल 734 मरीजों का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में 15 लाख 98 हजार लोगों को दवा खिलाई जानी है। फाइलेरिया से बचाव के साथ एमडीए दवाइयों से कई दूसरे लाभ भी हैं, जैसे यह आंत के कृमि का भी इलाज करती है, जिससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार आता है और उनके शारीरिक व मानसिक विकास में मदद मिलती है।
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इलाज के साथ दवाइयां भी बांटीं
रामपुरा/मुहम्मदाबाद। पीएचसी जगम्मनपुर में मुख्यमंत्री अरोग्य स्वास्थ्य मेले में सीएमओ डॉ. अल्पना बरतरिया भी पहुंचीं और पचास मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाई बांटी। सीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य मेले में मरीजों की खून, शुगर, बीपी आदि की जांच की गई। डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. सचिन, मुकेश सिंह, देवेंद्र, मुन्नालाल, सुशील आदि रहे। उधर डकोर चिकित्साधिकारी के निर्देशन में आयोजित स्वास्थ्य मेले में 115 मरीज देखे गए और 37 आयुष्मान गोल्डनकार्ड बनाए गए। इसमें डा. रामसिंह, जूही निरंजन, राजेश वाजपेयी, कन्हैया, शिवानी, कांति ने सहयोग किया।
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