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पीएम आवास में धोखाधड़ी, महिला प्रधान गिरफ्तार

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महिला प्रधान लक्ष्मी देवी - फोटो : ORAI
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कदौरा (जालौन)। प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त के गबन के आरोप में कदौरा पुलिस ने ग्राम मबई की महिला प्रधान लक्ष्मी देवी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है, जबकि तत्कालीन खंड विकास अधिकारी समेत आधा दर्जन आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
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क्षेत्र के ग्राम मवई ब्राह्मण के मजरा शहीद नगर निवासी अनिल पुत्र लल्लू ने जनवरी 2019 में न्यायालय में एक याचिका दाखिल की थी, जिसमें आरोप लगाया था कि शासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसके आवास के लिए एक लाख 20 हजार रुपये की किस्त आई थी, जिसे ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी पत्नी सर्वेश, खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार गुप्ता समेत सात लोगों ने मिलकर षड्यंत्र के तहत दूसरे ग्रामीण को जारी कर दी।
उस ग्रामीण ने खाते में आई किस्त का रुपया निकालकर हजम कर लिया। क ई बार उसने विभागीय अधिकारियों से लिखित शिकायत की, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण में जाना पड़ा। कोर्ट के आदेश पर कदौरा पुलिस ने 7 फ रवरी 2019 को ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी, तत्कालीन खंड विकास अधिकारी अशोक कुमार गुप्ता, सचिव द्वारिका प्रसाद गुप्ता, सचिव जयपाल सिंह, बाबू रफत हुसैन, बाबू आवास शेर सिंह और ग्रामीण अनिल कुमार पुत्र कालका के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
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रविवार को एसआई संजय सिंह, अरविंद कुमार, महिला कांस्टेबल मधु ने ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी के घर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अभी छह लोगों की गिरफ्तारी होना शेष है, जिनके लिए आलाधिकारियों को अवगत करा दिया है।
विवेचना में निकले प्रधानपति, देवर व शाखा प्रबंधक
बताते हैं कि पीड़ित अनिल पुत्र लल्लू ने कोर्ट में प्रधान लक्ष्मी देवी, उसके पति सर्वेश द्विवेदी उर्फ गुड्डू, देवर प्रदीप द्विवेदी व तत्कालीन शाखा प्रबंधक इलाहाबाद बैंक इटौरा सहित बीडीओ व सचिव जयपाल व द्वारिका प्रसाद के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज थी। विवेचना में पुलिस ने अधिकारियों ने प्रधानपति व उसके देवर को निकाल दिया था। विवेचक अरविंद यादव ने बताया कि विवेचना में तीन नाम सामने आए बाबू रफत हुसैन, बाबू आवास शेर सिंह व ग्रामीण अनिल पुत्र कालका। जिस कारण प्रधान के पति देवर व शाखा प्रबंधक का नाम हटा कर इनका जोड़कर धाराएं भी बढ़ाई गईं।
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