उरई। विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद गुरुवार को कांग्रेस ने जिले की दो विधानसभाओं के प्रत्याशियों के नाम की घोषण की है। इनमें उरई से उर्मिला सोनकर खाबरी और कालपी सीट से 2012 कांग्रेस से विधायक रह चुकीं और 2017 में प्रत्याशी रह चुकीं उमाकांति सिंह पर तीसरी बार भरोसा जताया गया है।
कांग्रेस ने गुरुवार को 125 कांग्रेस प्रत्शशियों की सूची जारी की हे। इसमें में करीब 50 महिला प्रत्याशियों को शामिल कर कांग्रेस का प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने अपने नारे लड़की हूं...लड़ सकती हूं...को चरितार्थ कर दिया। इन 50 महिलाओं में जिले की भी तीन विधानसभा सीटों में से दो पर महिला प्रत्याशियों को मौका दिया गया है। उरई सदर सीट से बसपा से 2009 में सांसद रह चुके और 2017 में कांग्रेस में शामिल हुए ब्रजलाल खाबरी की पत्नी उर्मिला सोनकर खाबरी प्रत्याशी बनाई गई हैं। इसके साथ ही कालपी से फिर एक बार कांग्रेस ने उमाकांति सिंह को मौका दिया है। यह 2012 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को हराकर विधायक बनी थीं। वहीं 2017 में गठबंधन के तहत कांग्रेस की कालपी से प्रत्याशी रहकर हार गईं थीं।
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2017 में गठबंधन का भी नहीं मिला लाभ
2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-सपा का गठनबंधन भी मोदी लहर के सामने टिक नहीं पाया था। उरई सदर सीट से गंठबंधन के निर्णय से सपा तो कालपी सीट कांग्रेस के हिस्से में आई थी। सदर सीट से सपा के महेंद्र सिंह कठेरिया 61606 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। वहीं कालपी से गठबंधन की कांग्रेस से प्रत्याशी उमाकांति करीब 52 हजार वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं थीं।
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माधौगढ़ सीट पर जातिगत समीकरण से उतारा जाएगा प्रत्याशी
जिले की तीन विधानसभा सीटों में से माधौगढ़ सीट पर प्रत्याशी अभी घोषित नहीं किया गया है। कांग्रेस सूत्रों की मानें तो वह अन्य राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों की घोषणा के इंतजार में हैं। ताकि जातिगत समीकरण के अनुसार प्रत्याशी उतारा जा सके।