हादसे के बाद चुर्खी रोड पर खंदक में खड़ी कार।
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उरई। बरात में शामिल होने के लिए दूल्हे के भाई के साथ आ रहे दोस्तों की कार अंधे मोड पर पेड़ से टकराकर खड्ड में चली गई थी। हादसे में तीन दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे की मुख्य वजह नशा व तेज रफ्तार माना जा रहा है। घायलों ने बताया कि चालक रिशु को कार तेज चलाने से मना भी किया पर उसने स्पीड़ कम नहीं की और इससे हादसा हो गया।
कानपुर देहात के राजपुर थाना क्षेत्र के जैसलपुर गांव निवासी नरेंद्र सिंह के पुत्र ज्ञानेंद्र की बरात मंगलवार को शहर कोतवाली क्षेत्र के चुर्खी रोड स्थित श्रीराम गार्डन उरई आई थी। इसी शादी में शामिल होने के लिए ज्ञानेंद्र के भाई धीरेंद्र सिंह (25) के साथ उसके दोस्त राजपुर थाना क्षेत्र के भाल गांव निवासी लक्ष्मण सिंह (25), विनय उर्फ टीटू (27) व राजपुर निवासी राघव (19), रिशु उर्फ दीपू पांडेय (25), हरिओम त्रिवेदी (24) कार से करीब 11 बजे बरात में शामिल होने आ रहे थे।
बताते हैं कि जैसे ही कार चुर्खी रोड स्थित सुहाखर खेरा व ककहरा गांव के बीच पहुंची तभी अंधा मोड होेने पर कार चला रहा रिशु स्टीयरिंग से अपना संतुलन खो बैठा और कार पेड़ से टकराकर खड्ड में चली गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लक्ष्मण, विनय उर्फ टीटू व राघव की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि दूल्हे का भाई धीरेंद्र, हरिओम व रिशु उर्फ दीपू पांडेय घायल हो गए थे।
घायल धीरेंद्र व हरिओम ने बताया कि बरात में लेट हो जाने की वजह से रिशु कार करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चला रहा था। उसे रोका भी पर वह नहीं माना और अचानक से मोड़ आने पर वह कार को कंट्रोल नहीं कर सका और कार पेड़ से टकराकर खड्ड में चली गई। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। वहीं, एयरबैग खुलने से तीन लोगों की जान बच गई।