उरई (जालौन)। बसपा सरकार में मंत्री रहे श्रीराम पाल (जो कि वर्तमान में सपा नेता हैं) के दामाद व उनके परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सिपाहियों से साथ हुई हाथापाई के मामले में हाईकोर्ट ने एसपी डॉ. यशवीर सिंह को उनका पक्ष जानने के लिए तलब किया है। पूर्व मंत्री की ओर से हाईकोर्ट के अधिवक्ता त्रिपुरारी पाल बताया कि एसपी को 4 फरवरी की तारीख मिली है। जब उन्हें हाईकोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखना होगा। वहीं एसपी ने आदेश की जानकारी से अनभिज्ञता जताई है।
बता दें कि बीती 26 दिसंबर को उरई कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बघौरा में सड़क पर खड़ी बाइक को हटाने को लेकर सिपाही अरविंद किशोर व उनके अन्य सिपाही साथियों का पूर्व मंत्री के दामाद यदुवेेंद्र से कहासुनी हुई। देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली का फोर्स मौके पर पहुंचा और पूर्व मंत्री के रिश्तेदारों को पकड़कर कोतवाली लाया था। इनमें कुछ महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस ने सभी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। इस पर पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट पूर्व मंत्री ने हाईकोर्ट में वकील के माध्यम से प्रार्थनापत्र दिया। पूर्व मंत्री के अधिवक्ता का कहना है कि सिपाहियों ने दबंगई दिखाते हुए श्रीराम के रिश्तेदार के साथ मारपीट की और महिलाओं के साथ अभद्रता भी की। इस पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी एवं संजय कुमार पचौरी ने 4 फरवरी को एसपी को कोर्ट आकर अपना पक्ष रखने को कहा है। इस संदर्भ में एसपी डॉ. यशवीर सिंह का कहना है कि मामले में पुलिस कर्मियों की जांच कराने के आदेश मिले है जानकारी तो उन्हें है लेकिन स्वयं उन्हें कोर्ट में बुलाए जाने की कोई जानकारी नहीं है। यदि उन्हें कोर्ट में बुलाया भी जाएगा तो वे वहां जाकर अपना पक्ष जरूर रखेंगे।