फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jalaun News: स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर उपभोक्ताओं ने किया हंगामा

विज्ञापन
विज्ञापन
उरई। शहर में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर लगातार हंगामा हो रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल बढ़ गए हैं। वहीं, विभाग का कहना है कि यह केवल भ्रम है। बुधवार और गुरुवार को मुख्य बाजार क्षेत्र में मीटर लगाने के दौरान जमकर विवाद हुआ।
विज्ञापन

बुधवार को टेलर्स वाली गली और शहीद भगत सिंह चौराहा के पास मीटर लगाने पहुंची टीम का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। स्थिति बिगड़ने पर विजिलेंस टीम को भी बुलाना पड़ा। इसके बावजूद 75 मीटर लगाए गए।
गुरुवार को जब टीम ने करीब 50 और मीटर लगाने की कोशिश की तो उपभोक्ताओं ने फिर से विरोध शुरू कर दिया। मामले की जानकारी मिलने पर एसडीओ ऋषभ राजपूत ने मीटर एई निखिल जिंदल, जेई गौरव कुमार को मौके पर भेजा। उन्होंने करीब एक घंटे तक उपभोक्ताओं से बातचीत कर उन्हें समझाया कि यदि बिल गलत आता है तो विभाग चेक मीटर लगाएगा और गड़बड़ी पाए जाने पर स्मार्ट मीटर हटा दिया जाएगा। इसके बाद लोग राजी हुए और मीटर लगाए जा सके।
विज्ञापन

अधीक्षण अभियंता नंदलाल ने बताया कि अब तक जिले में लगभग 15 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और वह सुचारु रूप से काम कर रहे हैं। शुरुआत में कुछ तकनीकी गड़बड़ियों के कारण पुराने मीटर की गलत रीडिंग दर्ज कर ली गई थी। इससे करीब दो-तीन हजार उपभोक्ताओं के बिल ज्यादा बने, लेकिन शिकायत आने पर इन्हें सही कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि फरवरी के अंत में जब स्मार्ट मीटर लगना शुरू हुए, उसी समय गर्मी का मौसम भी शुरू हो गया था। पंखे, कूलर और अन्य उपकरणों के चलते बिजली की खपत बढ़ी और बिल अधिक आए। उपभोक्ताओं को लगा कि स्मार्ट मीटर इसकी वजह हैं, जबकि असल कारण बढ़ी हुई खपत थी।
अब मौसम ठंडा हो रहा है तो बिल भी सामान्य स्तर पर आ रहे हैं। जिन उपभोक्ताओं को बिल सही नहीं मिला, उनमें से लगभग एक हजार के डेटा फीडिंग में समस्या थी। इनमें से ज्यादातर दुरुस्त कर दिए गए हैं। इनका बिल अब भी लंबित है, वह सीधे एसडीओ स्तर पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि विभाग ने उपभोक्ताओं की शिकायत पर 450 जगह चेक मीटर लगाए हैं। इनमें से 300 रिपोर्ट आ चुकी हैं। केवल एक-दो यूनिट का मामूली अंतर पाया गया, जो सामान्य है। अधिकांश उपभोक्ताओं ने लिखित में संतोष जताया है। उन्होंने अपील की कि अगर किसी उपभोक्ता को अब भी दिक्कत है तो वह लिखित या ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें