रामपुरा। ग्राम रुदपुरा में गुरुवार को बिजली चोरी रोकने और राजस्व वसूली करने पहुंची बिजली विभाग की टीम और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। स्थिति इतनी बढ़ गई कि टीम को बीच रास्ते से ही लौटना पड़ा।
ग्रामीणों ने जेई और उनकी टीम पर बिना सूचना कनेक्शन काटने और पैसों की मांग करने का आरोप लगाया है। वहीं, विभागीय अधिकारियों ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए ग्रामीणों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने की शिकायत थाने में दी है।
33 केवी उपकेंद्र के जेई राजकुमार टीम के साथ रुदपुरा पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि जेई ने आते ही उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटना शुरू कर दिया। उपभोक्ता रामेश्वर ने बताया कि अफसर ने पैसे मांगे और न देने पर बिजली काट दी। वहीं, ग्रामीण रामशंकर का कहना है कि चेकिंग के दौरान महिलाओं से अभद्रता भी की गई। उपभोक्ताओं के अनुसार रामेश्वर, मंगली प्रसाद, शंकर, संतराम समेत आठ लोगों की बिना नोटिस बिजली काट दी गई। भीम के घर का मीटर भी उखाड़ ले जाया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली के गलत बिलों के संशोधन के लिए जब वे रीडिंग वेरिफाई कराने जाते हैं तो जेई पहले बिल जमा करने की शर्त रखते हैं, जो नियमों के खिलाफ है। उपभोक्ता अनिल कुमार, पप्पू सिंह, राकेश, अरुण और राजीव ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर, जेई राजकुमार ने स्पष्ट किया कि हम केवल चेकिंग और राजस्व वसूली के लिए गए थे। इस दौरान ग्रामीणों ने टीम के साथ अभद्रता की। लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह असत्य और निराधार हैं। बिजली चोरी और राजस्व जमा नहीं करने पर आठ उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए हैं।