उरई (जालौन)। केंद्र सरकार के पंचायतीराज मंत्रालय ने पूरे प्रदेश से जिले की ग्राम पंचायत अकबरपुर इटौरा को चाइल्ड फ्रैंडली ग्राम पंचायत अवार्ड के लिए चुुना है। इस ग्राम पंचायत को अब तक पांच राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।
निवर्तमान प्रधान अमित द्विवेदी इतिहास ने बताया कि इससे पूर्व तीन बार पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार भी मिल चुका है। ग्राम पंचायत को चाइल्ड फ्रैंडली अवार्ड लगातार दूसरी बार मिला है। इसके अलावा ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान का अवार्ड भी ग्राम पंचायत को मिला है। अकबरपुर इटौरा पूरे जिले में ऐसी ग्राम पंचायत है, जिसमें सबसे कम बच्चों ने स्कूल की पढ़ाई छोड़ी होगी। बच्चों की एक बाल सभा भी बनाई है, जो ग्राम पंचायत हर एक कार्यक्रम में शामिल भी होती है। ग्राम पंचायत में बच्चों का टीकाकरण भी सौ प्रतिशत है। यही वजह है कि ग्राम पंचायत को लगातार दूसरी बार इस पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।
अमित का कहना है कि हर अच्छे काम में कुछ मुश्किलें जरूर आती हैं, लेकिन यदि दृढ़ संकल्प के साथ काम किया जाए तो उन्हें आसान कर ऐसे पुरस्कारों के योग्य भी बना जा सकता है। बताया कि उनकी ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय में न सिर्फ बच्चों को प्रोजक्टर से पढ़ाया जाता है, बल्कि कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए पुस्तकालय की भी सुविधा उपलब्ध है। स्कूलों में छोटे बच्चों के लिए झूले और खिलौनों की भी व्यवस्था है, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ मनोरंजन भी कर सके। स्कूल में सोलर आरओ सिस्टम भी है, ताकि बच्चों को पीने के लिए स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके।