उरई। ऑसीलेशन मैनेजमेंट सिस्टम (ओएमएस) मशीन से शनिवार को झांसी कानपुर रेलमार्ग की जांच की गई। इस मशीन से कंपन उत्पन्न कर रेलवे लाइन कहां कमजोर है, इसका पता लगाया जाएगा। ट्रैक की क्षमता को परखने के बाद इस ट्रैक पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने और हाई स्पीड दौड़ाने की योजना बनाई जाएगी।
रेलवे ने सुरक्षित ट्रेनों के संचालन के लिए रेलवे ट्रैक की निगरानी बढ़ा दी है। पुरानी और जर्जर रेल लाइनों को बदलने के साथ ट्रैक की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। पुराने रेल लाइन के स्थान पर नई क्षमता की रेललाइन डाली जा रही है। झांसी मंडल के झांसी कानपुर रेलमार्ग पर ट्रेनों की स्पीड 90 किलोमीटर से बढ़ाकर 110 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। अभी इसे और बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलपथ एसके तिवारी ने बताया कि रेलवे लाइन पर लगातार ट्रेनों के चलाने, झटका लगने से ट्रैक कमजोर होने की संभावना होती है। ऊपर से देखने से यह कमजोरी पता नहीं लगती है। इस कमजोरी का पता लगाने के लिए ओएमएस मशीन से जांच की जाती है। यह मशीन कंपन के आधार पर रेलवे लाइन कहां कमजोर है, इसका पता लगाती है। जहां समस्या होती है, वहां लाइन बदली जाती है। फिलहाल कही कमजोर लाइन नहीं मिली है। इस मशीन से हर माह जांच की जाती है।