कोंच। धनतेरस पर तमंचे की नोंक पर बाइक व नकदी की हुई तथाकथित लूट की घटना का चौबीस घंटे में ही पुलिस ने खुलासा कर बाइक बरामद कर ली है। युवक ने फाइनेंस कंपनी का पैसा देने से बचने के लिए लूट की मनगढंत कहानी रची थी जो पुलिस की पूछताछ में टिक नहीं सकी। जांच में घटना फर्जी निकलने के बाद पुलिस ने युवक के खिलाफ कार्रवाई की है।
प्रभारी निरीक्षक बलिराज शाही की अगुवाई में दरोगा मदनपाल व सिपाही योगेंद्र सिंह ने फर्जी लूट की कोतवाली में शिकायत करने वाले युवक आदेश कुमार निवासी ग्राम महेशपुरा थाना नदीगांव की नई अपाचे बाइक बुधवार की सुबह करीब ग्यारह बजे मारकंडेश्वर तिराहा कोंच से बरामद कर ली। कोतवाल ने आदेश कुमार को मीडिया के सामने लाकर पूरी घटना का खुलासा करते हुए बताया कि नई अपाचे के शेष रुपये फाइनेंस कंपनी को न देने पड़े। इसलिए बाइक लूट की फर्जी कहानी आदेश ने स्वयं रची थी। पुलिस ने आदेश पर त्यौहार के मौके पर शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में शांतिभंग की कार्रवाई की है। दरअसल, इस पूरे मामले को पुलिस शुरू से ही संदिग्ध मान रही थी। आदेश कुमार के बताए गए लूट के समय से एक घंटा पहले और एक घंटा बाद तक के जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। तो उसमें सिर्फ तीन वाहनों की लोकेशन मिली लेकिन उनमें बाइक एक भी नहीं थी। लिहाजा जब घटना के वादी से पुलिसिया अंदाज में पूछताछ की गई तो उसने पूरी कहानी उगल दी। बता दें कि मंगलवार को कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र देते हुए युवक आदेश कुमार ने बताया था कि वह जनपद उन्नाव के कालूखेड़ा में पानी पूरी का धंधा करता है। मंगलवार की सुबह करीब 4 बजे वह अपने चाचा विश्वंभर सिंह पुत्र सरनाम सिंह की नई अपाचे बाइक पर अपने गांव जा रहा था तभी महेशपुरा रोड पर स्थित सेठ बद्रीप्रसाद कॉलेज के समीप पीछे से आई एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश अज्ञात बदमाशों ने उसकी बाइक में लात मारकर उसे सड़क पर गिरा दिया तथा तमंचा दिखाकर उसकी बाइक व जेब में से ढाई हजार रुपये लूट लिए।