उरई। राजकीय मेडिकल कॉलेज टीबी एवं चेस्ट विभाग के संविदा पर तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विक्रम गौतम की सेवा समाप्त कर दी गई है। इस पर उन्होंने प्राचार्य पर जानबूझकर सेवा समाप्त करने का आरोप लगाते हुए डीएम समेत आला अधिकारियों से शिकायत की है। वहीं प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी का कहना है कि उन्हें नियमानुसार हटाया गया है।
डॉ. विक्रम ने आरोप लगाया कि उनकी ज्वाइनिंग 30 जनवरी 2024 को आ गई थी लेकिन उन्हें बताया नहीं गया। जब उन्होंने एससीएसटी आयोग, स्वास्थ्य मंत्रालय में शिकायत की तो उन्हें छह मई को ज्वाइन कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके आने के पहले डॉ. विशाल अग्रवाल टीबी विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। डॉ. विशाल की शह पर उन्हें परेशान किया गया। जब उन्होंने इसकी शिकायतें की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने छह महीने के कार्यकाल में टीबी विभाग में कई उल्लेखनीय काम किए। उनके आने के पहले ओपीडी मरीजों की संख्या दस थी लेकिन उन्होंने इसे बढ़ाकर साठ तक पहुंचा दिया। भर्ती मरीजों की संख्या भी एक से बढ़ाकर दस तक पहुंचा दी। कई नई जांचें और ऑपरेशन भी शुरू कराए। इसके बावजूद उन्हें यह कहकर हटाया जा रहा है कि उनका कार्यकाल ठीक नहीं है और उन्होंने नवीनीकरण के लिए समय से आवेदन नहीं किया।
प्राचार्य ने उनकी ज्वाइनिंग 30 जनवरी 2024 मानते हुए नवीनीकरण नहीं किया है। जबकि हकीकत में उनकी ज्वाइनिंग मई 2024 में है। उनसे जो भी स्पष्टीकरण मांगे गए, उनका उन्होंने जवाब भी दिया। इसके बावजूद उन्हें हटा दिया गया है। वहीं प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी का कहना है कि डॉ. विक्रम की सेवा अवधि 30 जनवरी को समाप्त हो गई है। उन्होंने सेवा विस्तार के लिए आवेदन प्रस्तुत नहीं किया। उनकी पोस्ट पर फिर से साक्षात्कार के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है। उनकी सेवाएं संतोषजनक न होने पर तीन चार बार स्पष्टीकरण भी मांगा गया था।