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ट्रेन संचालन में बाधा बन रहे अन्ना मवेशी, रोक रहे ट्रेनों की रफ्तार

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आटा के पास रेलवे ट्रैक पर घूमते मवेशी। - फोटो : ORAI
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उरई। सड़कों पर हादसे का सबब बने अन्ना मवेशी ट्रेन संचालन में भी बाधा बने हैं। अन्ना मवेशी आए दिन ट्रैक पर आ जाते हैं। इस कारण कई बार ट्रेनें रोकी गईं तो कई बार ट्रेनों से टकराकर अन्ना मवेशियों की मौत भी हुई है। अन्ना मवेशियों के टकराने से जुलाई में दस पैसेंजर और चार मालगाड़ी समेत 14 ट्रेनें ढाई घंटे से ज्यादा समय तक खड़ी रहीं। ट्रेनों से टकराने से 35 अन्ना मवेशियों की मौत भी हुई है।
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झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक पर भुआ से उसरगांव सेक्शन के बीच करीब 35 किलोमीटर लंबे सेक्शन में अन्ना मवेशी आए दिन ट्रेन के सामने आ जाते हैं। सबसे ज्यादा अन्ना मवेशी उरई सरसौखी, सरसौखी आटा, आटा उसरगांव, उरई भुआ सेक्शन में हादसों का सबब बने हैं। इस सेक्शन में अन्ना मवेशियों ने पांच मिनट से लेकर आधा घंटे तक ट्रेनों का संचालन रोका है। ट्रेनों से टकराकर दो से चार मवेशियों की मौत
हो गई है। इसकी वजह से कई बार तो मवेशी ट्रेन से टकराकर दूर जा गिरे है तो कई बार ट्रेन के इंजन में फंसने के कारण ट्रेनें आधा घंटा तक देरी से चली है। अन्ना मवेशी पैसेंजर हो या मालगाड़ी सभी ट्रेनों के संचालन में बाधा उत्पन्न करते हैं। पिछले साल तो पूरी रात अन्ना मवेशियों के कारण ट्रेन संचालन प्रभावित हुआ था। इसकी गूंज रेलवे बोर्ड तक पहुंच गई थी।
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आरपीएफ द्वारा रेलवे ट्रैक के किनारे बसे गांव के लोगों को जागरूक करने का अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके बावजूद अन्ना मवेशी ट्रैक के किनारे आकर ट्रेन संचालन में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अन्ना मवेशी छोड़ने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्ती की जाएगी। आरपीएफ इंस्पेक्टर एमके गुप्ता का कहना है कि पशुपालकों और गांववालों को जागरूक करने के लिए टीमें बनाई गई है।
आरपीएफ के झांसी मंडल के कमांडेंट आलोक कुमार का कहना है कि इस सेक्शन में अन्ना मवेशियों के ट्रेन से टकराने के मामले ज्यादा आ रहे है। ट्रैक के किनारे वाले गांव के प्रधानों और गोशाला संचालकों की मदद ली जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन को भी पत्र लिखा जा रहा है। रेलवे ट्रैक के किनारे जानवरों की आवाजाही रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
उरई। झांसी-कानपुर ट्रैक पर सोमवार को चार ट्रेनों की चपेट में आने से आठ मवेशियों की इंजन की चपेट में आने से मौत हो गई। बता दें कि गोरखपुर से यशवंतपुर, मुंबई से प्रतापगढ़, छपरा से ग्वालियर, ग्वालियर से छपरा बरौनी मेल जब भुआ उरई सेक्शन में रिनियां क्रासिंग नंबर 179 और अजनारी रोड रेलवे क्रासिंग नंबर 180 से गुजर रही थी, तभी अन्ना मवेशियों का झुंड ट्रैक पर आ गया। इसके चलते आठ मवेशियों की इंजन की चपेट में आने से मौत हो गई। इसकी सूचना चालक ने उरई स्टेशन पर ड्यूटी पर तैनात स्टेशन अधीक्षक एसके खरे और कंट्रोल रूम को दी। इसके चलते ट्रेनें करीब 20 मिनट खड़ी रहीं।
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