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मरीज को गेट पर नहीं, डॉक्टर तक पहुंचाए एंबुलेंस चालक

कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 12:03 AM IST
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उरई। एंबुलेंस स्टाफ मरीज को इमरजेंसी के गेट पर छोड़े बल्कि उसे संबंधित डॉक्टर के पास तक जरूर ले जाएं। इसके अलावा ड्यूटी के दौरान शराब का सेवन करने वालों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। यह निर्देश एंबुलेंस सेवा के पश्चिमी जोन के आपरेशन हेड दिनेश सिंह ने नए भर्ती एंबुलेंस स्टाफ को प्रशिक्षण देते हुए दिए।
जिला अस्पताल के रैन बसेरा में आयोजित प्रशिक्षण में उन्होंने कहा कि सभी इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) और पायलट (चालक) अपनी ड्यूटी शिफ्ट समाप्त होने के बाद और पहले एंबुलेंस की अच्छी तरह से जांच कर लें और देखें कि उसमें चेकलिस्ट के अनुसार सामग्री है या नहीं। ड्यूटी के दौरान पूरी ड्रेस, नेम प्लेट पहने और मरीज व उनके तीमारदारों के साथ शालीनता से व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि मोबाइल का दुरुपयोग न करें। जरूरत के लिए मोबाइल का डाटा बचाकर रखें। उन्होंने निर्देश दिया कि जैसे ही कॉल सेंटर से केस के लिए फोन आता है तो तत्काल मौके पर पहुंचकर मदद करें। उन्होंने स्टाफ को मिलने वाली सुविधाओं और ड्यूटी के बारे में विस्तार से समझाया।

एंबुलेंस सेवा के जिला प्रभारी दीपक वर्मा ने कहा कि जो भी केस अटेंड करें, उसका पूरा ब्योरा रखें। इस दौरान राज्य स्तरीय प्रशिक्षक नवनीत, सुरजीत यादव, प्रोग्राम मैनेजर मनीष पांडेय ने भी एंबुलेंस स्टाफ को उनके दायित्व समझाए।
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31 एंबुलेंस स्टाफ को किया जा चुका बर्खास्त
आपरेशन हेड दिनेश सिंह ने बताया कि पिछले महीनों में इमरजेंसी सेवा को बाधित करने वाले और कर्मचारियों को बरगलाने के आरोप में संस्था ने 31 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है। जिसमें जिलाध्यक्ष राजवीर सिंह, मंडल प्रभारी प्रदीप चौधरी, अनिल कुमार, पंकज कटियार, सोनू सिंह, अजय, अंजू वर्मा समेत 31 कर्मचारियों की सेवा समाप्ति कर दी गई है। उन्होंने नए कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वह बर्खास्त कर्मचारियों से बहकावे में न आए। अपनी ड्यूटी ईमानदारी से करें।
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