उरई। कालपी सीएचसी से एक घायल को अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस रास्ते में खराब हो गई थी, इस कारण घायल की मौत हो गई थी। इस मामले को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया था, जिसका असर दिखा। जिले में खटारा हो चुकी आठ एंबुलेंस हटाई गईं हैं। इसमें चार एंबुलेंस बदल दी गईं हैं और चार को जल्द बदला जाएगा।
बताते चलें कि पिछले दिनों कालपी सीएचसी से एक घायल को लाते समय एंबुलेंस रास्ते में खराब हो गई थी। इस कारण घायल की मौत हो गई थी। इस मामले में अमर उजाला ने अभियान चलाया था। अभियान के तहत एंबुलेंस के स्टाफ को नौकरी से हटा दिया गया था। अधिकारियों ने दावा किया था कि खराब हो चुकी एंबुलेंस के स्थान पर जल्द नई एंबुलेंस दी जाएंगी।
जिले में गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए 102 नंबर की 21 और आकस्मिक सेवाओं के लिए 108 नंबर की 23 एंबुलेंस हैं। अक्सर एंबुलेंस के खराब होने की सूचना मिलने पर अधिकारियों ने जांच पड़ताल के बाद आठ एंबुलेंस को खटारा बताया था। उनके स्थान पर चार एंबुलेंस आ गई हैं। इसमें दो जिला अस्पताल, एक पीएचसी सोमई और एक सीएचसी कदौरा को दी गई है। नई एंबुलेंस के आने पर स्टाफ ने उनका पूजन किया गया। एंबुलेंस सेवा के जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष पांडेय ने बताया कि चार एंबुलेंस जल्द और नई आ रही हैं। जिन्हें गोवर्धनपुरा, बाबई, माधौगढ़ और आटा पीएचसी के लिए भेजा जाएगा। जिले में कुल 44 एंबुलेंस हैं। जिन्हें अलग-अलग स्थानों पर खड़ा किया गया है। स्टाफ को भी निर्देशित किया गया है कि कॉल आने पर तत्काल मौके पर एंबुलेंस लेकर पहुंचें। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।