पहाड़गांव (जालौन)। सहकारी समिति पहाड़गांव को सरकारी गेहूं खरीद केंद्र तो बना दिया मगर यहां अब तक गेहूं का एक दाना भी नहीं खरीदा गया है जबकि एक अप्रैल से खरीद शुरू करने के निर्देश थे। किसान मजबूरन अपना गेहूं आढ़तियों को 1020 से 1030 रुपए प्रति कुंतल बेच रहे हैं। समर्थन मूल्य 1285 रुपए प्रति कुंतल का उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रशासन की इस अव्यवस्था से किसान गुस्से से भरे हैं।
पहाड़गांव में एक दशक से सहकारी संघ पर सरकारी गेहूं केंद्र बनाया जाता था। किसानों का आरोप है कि इस वर्ष सहकारी संघ के तत्कालीन सचिव आनंद प्रकाश अग्रवाल ने संचालक मंडल को धोखे में रखकर सरकारी गेहूं केंद्र हटवा दिया। इस पर संचालक मंडल के अध्यक्ष ने तत्कालीन जिलाधिकारी से शिकायत की तो उन्होंने अपर जिलाधिकारी तथा जिला सहायक निबंधक को आदेशित किया कि पहाड़गांव में गेहूं केंद्र स्थापित कराया जाए। इस पर सहकारी संघ से केंद्र हटाकर सहकारी समिति को खरीद केंद्र बना दिया गया, जहां आज तक खरीद शुरू ही नहीं हो सकी है।
इस बाबत संस्था के प्रभारी सचिव नाथूराम बुधौलिया तथा गेहूं केंद्र प्रभारी दयासागर बुधौलिया ने बताया कि नया केंद्र होने से अभिलेखों के तैयार होने में वक्त लग रहा है। कोड नंबर (मार्का) न मिल पाने से भी खरीद में विलंब हो रहा है। बारदाना मिल चुका है। मार्का मिलते ही खरीद शुरू हो जाएगी। किसानों में राधेश्याम पालीवाल, विद्यासागर, संतप्रिय पालीवाल, अंबिका प्रसाद, रघुवीर शर्मा, रामशंकर दुबे, विजय सिंह कुशवाहा, हरीशंकर राजपूत, गंगाप्रसाद आदि ने जिलाधिकारी मनीषा त्रिघटिया से अविलंब खरीद केंद्र चालू कराने की मांग की है।