उत्तर प्रदेश में संवेदनहीन टिप्पणी करना आला अफसरों का शगल बनता जा रहा है। एक और विशेष सचिव ने उत्तराखंड आपदा में मरने वालों के संबंध में संवेदहीन टिप्पणी कर डाली। राज्य सरकार ने इस पर सख्त रवैया अपनाते हुए उन्हें पद से हटाकर प्रतीक्षारत कर दिया है।
एनेक्सी के मीडिया सेंटर में खबरनवीसों को उत्तराखंड आपदा व प्रदेश में बाढ़ को लेकर होने वाली जन-धन हानि व सरकार के प्रयासों की जानकारी देने के दौरान राजस्व विभाग के विशेष सचिव जी श्रीनिवासुलु ने देहरादून अस्पताल में मरने वाले दो लोगों के बारे में जानकारी दी।
इस पर उनसे पूछा गया कि अब तक उत्तर प्रदेश के कुल कितने लोगों की मौत की जानकारी आ चुकी है? इस पर वह मुस्कराए और बोले यहां जिंदा लोगों की गिनती नहीं हो पा रही है तो मरने वालों की कहां होगी।
विशेष सचिव की इस टिप्पणी के आम होते ही मामला ऊपर तक पहुंचा और उनके खिलाफ कार्रवाई का फैसला ले लिया गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर विशेष सचिव को उनके पद से हटा कर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है।
इस बात का अंदेशा जताया जा रहा है कि विशेष सचिव के खिलाफ सरकार कोई कार्रवाई भी कर सकती है। गौरतलब है कि राज्य सरकार के कुछ और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा भी पूर्व में मीडिया के सामने सार्वजनिक तौर पर बोलने के दौरान ऐसी ही टिप्पणियां की जा चुकी हैं और उन्हें हटाया भी जा चुका।