मौका वालीबाल नेशनल के उद्घाटन का था और सामने थी देश के उन होनहारों की मौजूदगी जो आने वाले समय में डाक्टर, इंजीनियर, एमबीए की मास्टर डिग्री हासिल करने वाले हैं। युवाओं की इस भीड़ को देखते ही भारतीय उप वाणिज्य दूत देवयानी खोबरागड़े का प्रकरण नगर विकास मंत्री आजम खां की जुबां पर आ गया।
मुख्यमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक का अमेरिका में हुए अपमान और ताजा प्रकरण गिनाते हुए आजम बोले- हमने पहले भी कहा था और आज भी कह रहे हैं कि अमेरिका से लौट आओ भारतवासियों। यहां भी पैसा मिलेगा और अपनों के बीच पूरा सम्मान भी।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि विदेश जाने के बजाए अपने देश में रहकर देश की तरक्की के हमराह बनें।
खुद को सभ्य कहलाने वाले अमेरिकियों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय राजनयिक के साथ जांच के नाम पर की गई कार्रवाई किस सभ्यता का हिस्सा है? एक के बाद दूसरे भारतीयों के साथ अमेरिका का ऐसा ही रवैया रहा है।
बोस्टन हवाई अड्डे पर जब उन्हें रोककर पासपोर्ट जमा कराया गया तब मेरी इसी बहन (देवयानी खोबरागड़े) ने हमें यह समझा रही थी कि अमेरिका में ऐसा होता रहता है। वह अमेरिका की पैरवी कर रही थी। काश उस वक्त वह (देवयानी) हमारी बात समझ लेती तो आज उनके साथ जो हुआ वह नहीं होता। खुद पर उठने वाली बातों को एक लेकर शेर भी पढ़ा- न तेरा है न मेरा यह हिंदुस्तान सबका है, नहीं समझी गई यह बात तो नुकसान सबका है।