उत्तरप्रदेश के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को अगले महीने से बिजली का ज्यादा बिल चुकाना पड़ेगा। वर्ष 2013-14 के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय की गई बिजली दरें सोमवार से प्रभावी हो गई हैं।
हर महीने 500 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को जहां 55 से 70 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा देना पड़ेगा वहीं 500 यूनिट से ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करने वालों को 1.20 रुपये प्रति यूनिट ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।
इसके साथ ही पुराने राजस्व अंतर की भरपाई के लिए उपभोक्ताओं पर 3.71 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज भी लगेगा।
बिजली दरों में बढ़ोतरी से पावर कार्पोरेशन को हर महीने लगभग 200 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है।
किसानों और गरीबों को राहत देने के लिए सब्सिडी पर भी फैसला जल्द होने की संभावना है।
उपभोक्ता व किसान संगठनों तथा राजनीतिक दलों के जबरदस्त विरोध के बीच प्रदेश में नई बिजली सोमवार से प्रभावी हो गईं।
पावर कार्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि आयोग द्वारा की गई बढ़ोतरी से इस साल लगभग 2500 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान है।
कार्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि दरों में वृद्धि के बावजूद औसत आपूर्ति लागत के मुकाबले घरेलू उपभोक्ताओं की दरें अभी भी काफी कम हैं।