पंचायतों के फरमान बेतुके हैं। बंदिशें लड़कियों पर नहीं लड़कों पर लगनी चाहिए। शाम छह बजे के बाद लड़कों को घर में बंद कर देना चाहिए, तभी महिलाओं पर अत्याचार रुकेंगे। यह जज्बात खाप के गढ़ में मशहूर अभिनेत्री महिमा चौधरी के हैं।
सोमवार को बागपत के बड़ौत में जमीन का बैनामा कराने के बाद महिमा अपने पिता सुरेंद्र सिंह के साथ सुजडू में प्रोड्यूसर सुजा राना के घर पहुंचीं। मीडिया से मुखातिब अभिनेत्री ने वेस्ट यूपी की खाप पंचायतों के लड़कियों को लेकर सुनाए गए फरमानों पर तल्खी जाहिर की। महिमा यहां तक कह गईं कि लड़कों की नजर और अक्ल बिगड़ी हुई है।
बेटियों पर पाबंदी लगाने वाले लोगों को शाम छह बजे के बाद लड़कों को घरों में बंद कर देना चाहिए। न महिलाओं से वारदात होगी और न ही नशें में गोलियां चलेंगी। बेटा-बेटी की परवरिश में सोच को बदले बिना औरत को सम्मान नहीं मिलेगा। घर में आखिर पहले पुरुष ही क्यों खाना खाता है, यह हक रसोई में घुटने वाली महिलाओं का नहीं हो सकता। लड़कियों को घरों में कैद करने और ढकने के बजाए परिवार को उन पर भरोसा करना चाहिए।
अंजाम से अंजान था संजू
महिमा ने कहा कि नेकदिल संजय दत्त ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को स्वीकार कर बड़प्पन दिखाया है। अनजाने में घर में हथियार रखकर उनसे भूल हुई, क्योंकि कड़े कानून से वह अंजान थे। एक तरफ संजू हैं, तो दूसरी ओर देशभर में बिना लाइसेंस के लोग हथियार लिए घूमते हैं। संजू की सजा पर बॉलीवुड दुखी है।