‘मुफलिसी आए, तो बड़े शौक से आए, खुदा बस कमजर्फ दोस्तों के एहसान से बचाए।’ किसी शायर की यह पंक्तियां मुसीबत की मार झेल रहे नगर के व्यापारी पर सटीक बैठ रही हैं।
व्यापारी दोस्तों का कर्ज चुकाने के लिए किडनी तक बेचने को विवश हो गया है। उसने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर किडनी बेचने की अनुमति मांगी है।
नगर के मोती बाग विमल कुंज निवासी विनय कुमार बंसल ने बताया कि वह कनफेक्शनरी और किराने का सामान बेचकर परिवार का भरण पोषण करता था।
लगभग एक वर्ष से उस पर मुसीबतों का पहाड़ टूट रहा है। दस माह पहले वह बीमार हो गया। चेकअप कराने पर उसे दिल की बीमारी का पता चला। उपचार में काफी रुपया खर्च हो गया।
इसके चलते दो बैंकों से कर्ज की आरसी निकल गई। उसने तीन दोस्तों से पचास हजार रुपये पांच फीसदी ब्याज पर ले लिया।
आरोप है कि प्रतिमाह दोस्तों को ब्याज देने के बावजूद वह रुपये वापस करने के लिए दबाव बना रहे हैं। एक दोस्त चार दिन पहले घर से जबरन कीमती सामान ले गया।
बाद में लोगों के कहने पर आरोपी ने सामान लौटा दिया। दूसरे दोस्त ने दो दिन पहले रुपये वापस न करने पर उसकी कनपटी पर तमंचा रखकर गोली मारने की धमकी दी।
व्यापारी ने बताया कि वह दोस्तों का रुपया लौटना चाहता है, लेकिन उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसके चलते उसने अपनी एक किडनी बेचने का फैसला किया।
विनय कुमार बंसल ने डीएम को पत्र भेजकर किडनी बेचने की अनुमति मांगी है।
व्यापारी ने पुलिस से इस मामले की कोई शिकायत नहीं की। व्यापारी पुलिस से शिकायत कर्ता है, तो उसकी मदद की जाएगी।
अजय साहनी, आईपीएस एसपी सिटी