मोहर्रम पर जुलूस के दौरान मुरादाबाद में कटघर के दौड़बाग गांव में हुए बवाल और हिंसा की आग दूसरे दिन भी बुझाई नहीं जा सकी। आगजनी और लूटपाट के दौरान घर छोड़कर भागे कई परिवारों की महिलाएं तो लौट आईं, लेकिन हालात देख उनकी आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे।
वहीं पुलिस कार्रवाई के डर से तमाम उपद्रवी और पीड़ित घरों पर ताला डालकर गायब हो गए। खेतों तक में सन्नाटा दिखा। कोई काम पर भी नहीं गया। महिलाओं, बच्चों के विलाप तो कभी पुलिस के बूटों की आवाज से गांव का सन्नाटा टूट रहा है।
शनिवार सुबह कमिश्नर और डीआईजी ने भी गांव का मुआयना और लोगों से शांति व्यवस्था बनाने की अपील की।
दौड़बाग गांव में शुक्रवार शाम करीब चार बजे ताजिये उठने के दौरान बवाल हुआ था। गांव में धर्मस्थल के पास ताजियेदार मोहर्रमी नारे लगा रहे थे। इसी दौरान एक बच्चे को लोहे की राड लग गई थी। तब तनातनी के बाद पथराव, फायरिंग और आगजनी हुई।
उपद्रवियों ने नौ घरों को निशाना बनाया तो कई में तोड़फोड़ और लूटपाट की कोशिश की। किसी तरह ताजियेदारों को समझाकर जुलूस रवाना किया गया। शनिवार को कमिश्नर शिवशंकर सिंह और डीआईजी अमरेंद्र कुमार सेंगर गांव पहुंचे। पीड़ित परिवारों से भी मिले। मुआवजे और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।