नोएडा के आरुषि-हेमराज मर्डर केस में बुधवार को डिफेंस ने सीबीआई एएसपी एजीएल कौल को अपने सवालों से घेरने का प्रयास किया।
सवाल का जवाब देते हुए सीबीआई एएसपी ने कहा कि केके गौतम ने मुझे यह बयान दिया था कि उनके पास डा. सुशील चौधरी का फोन आया था कि दिनेश तलवार चाहते हैं कि पोस्टमार्टम में आरुषि के साथ रेप की बात न आए।
जिस समय अंतिम रिपोर्ट प्रेषित की गई थी उस समय डा. सुशील चौधरी और डा. दिनेश तलवार भावी अभियुक्त थे। इसलिए उनको गवाहों की सूची में नहीं दिखाया गया।
मंगलवार को एएसपी कौल ने आरुषि-हेमराज मर्डर केस में बयान दिया था कि ‘तलवार दंपति ने ही आरुषि-हेमराज का कत्ल किया था।’
बुधवार सुबह गवाह से डिफेंस के सवालों का जवाब देते हुए कौल ने कहा कि जो तथ्य उन्होंने अंतिम रिपोर्ट में लिखे हैं, वे सभी दस्तावेज पर आधारित हैं।
केस डायरी के साथ गवाहों के सारे बयान और विवेचना के दौरान एकत्र दस्तावेज कोर्ट में दाखिल किए गए थे। अपराध का संज्ञान लेने के बाद केस डायरी और दाखिल दस्तावेज वापस ले लिए गए।
गवाह का कहना था कि विशेषज्ञ ने ऐसा किसी रिपोर्ट में नहीं लिखा है कि एल-32 के किसी भी हिस्से में लगे खून के दाग मिटाए गए हों।
डिफेंस के अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर और मनोज शिशौदिया ने जिरह के पहले दिन 30 से 35 सवाल गवाह से किए। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक बीके सिंह कोर्ट में उपस्थित रहे।
विशेष न्यायाधीश एस. लाल ने जिरह के लिए अब 18 अप्रैल की तारीख दी है।