जीएसटी विभाग द्वारा सर्वे और जांच के नाम पर किए जा रहे व्यापारियों के शोषण और उत्पीड़न के विरोध में बृहस्पतिवार को व्यापारी जीएसटी कार्यालय पहुंचे। व्यापारियों ने वित्त मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सहायक आयुक्त राजीव कुमार को सौंपा।
ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश के तहत 16 मई से 15 जून तक की जाने वाली जांच और सर्वे की कार्रवाई के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। कुछ समय पूर्व संपूर्ण उत्तर प्रदेश में जीएसटी अधिकारियों द्वारा लगातार सर्वे और छापे की कार्रवाई की गई है। शहर में विभिन्न सेक्टरों के अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा व्यापारियों को फोन कर जीएसटी जांच के नाम पर धमकाकर अवैध वसूली की जा रही है। चंद फर्जी फर्मों को रोकने के लिए सभी व्यापारियों के यहां छापा मारा जा रहा है। इसका कोई औचित्य नहीं है।
व्यापारियोें ने कहा कि फर्जी बिलिंग, फर्जी आधार कार्ड व अन्य कागजात लगाकर पंजीकरण और कारोबार करना विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बगैर संभव नहीं है। संपूर्ण भारत वर्ष में हजारों की संख्या में सचल दस्ते काम कर रहे हैं। जो छोटी-छोटी कमियों पर भी गाड़ियों को रोककर जुर्माने आदि की कार्रवाई करते हैं, जिससे स्पष्ट है कि फर्जी बिलिंग व फर्जी फर्मों का संचालन विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। विभाग द्वारा लगातार नए-नए तरीके से व्यापारियों के यहां सर्वे-छापे के नाम पर भय का वातावरण बनाया जा रहा है, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा और सरकार को भी राजस्व का नुकसान होगा। जांच फर्जी फर्म पाए जाने पर उसका पंजीकरण जारी करने वाले अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष राधेश्याम अग्रवाल, नगर अध्यक्ष कन्हैयालाल अग्रवाल, जिला महामंत्री मनोज अग्रवाल राया वाले, नगर महामंत्री शरद अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष शिवशंकर गुप्ता, युवा जिलाध्यक्ष सुनील अग्रवाल, नन्नूमल गुप्ता, अनूप अग्रवाल उदय, अरविंद गुप्ता, सुमित अग्रवाल, देवकीनंदन अग्रवाल, रजत अग्रवाल, राजेश वार्ष्णेय, नरेंद्र बंसल, राजेश तायल आदि थे। संवाद