गांव नसीरपुर की गौशाला में गोवंश।
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जिले में संचालित अस्थायी व अस्थायी गोशालाओं में अब छुट्टा गोवंशों को तेज धूप की तपिश झेलनी होगी। जिले की ज्यादातर गोशालाओं में टिन शेड न होने के कारण गोवंश गर्मी के दिनों में परेशान होंगे। वहीं, कुछ गोशालाओं में टिन शेड गोवंशों के संख्या के अनुसार नहीं है।
शासन के निर्देश जिले में छुट्टा गोवंशों को संरक्षित करने के लिए 34 अस्थायी व अस्थायी गोशालाएं संचालित हैं। शासन की ओर से इन गोशालाओं में गोवंशों के लिए हरा चारा, पानी, छायादार पौधे, टिन शेड, चरही आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों के क्रम में सभी ग्राम पंचायतों व संबंधित विभागों को अपने अपने स्तर की सुविधाओं को दुरुस्त रखने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।
हैरानी की बात यह है कि जिले की ज्यादातर गोशालाओं में इन गोंवंशों को गर्मी में धूप की तपिश से बचाने के लिए टिन शेड की व्यवस्था नहीं की गई है। कुछ गोशालाओं में टिन शेड बनाए गए हैं, जोकि पर्याप्त नहीं है। डीएम अर्चना वर्मा ने गोशालाओं में टिन शेड, चारे आदि की व्यवस्था के सत्यापन के लिए टीमें गठित की हैं। यह टीमें गर्मी के मौसम को देखते पूरी रिपोर्ट सौंपेंगी।