बिटिया के साथ हुई दरिंदगी के बाद कैंडल मार्च निकालते सपाई।
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
बिटिया की मौत के बाद शहर से लेकर देहात तक खासा तनाव रहा। मृतका के गांव में उसकी मौत की खबर आते ही कोहराम मच गया। वहां काफी पुलिस व पीएसी तैनात थी। अधिकारी भी पूरे दिन गांव के चक्कर लगाते रहे। गांव के लोग देर शाम तक शव के आने का इंतजार करते रहे और यह जानकारी लेते रहे कि दिल्ली में क्या स्थिति है। कुछ घरों में चूल्हे भी नहीं जले।
अनुसूचित जाति की इस बिटिया की मौत की खबर जैसे ही मंगलवार की सुबह उसके परिजनों को हुई, वहां कोहराम मच गया। परिवार के ज्यादातर सदस्य तो दिल्ली में थे, ऐसे में जो उसके घर पर मौजूद लोग थे, वह फूट फूट कर रोए। वह यह मान रहे थे कि दिल्ली जाकर बिटिया की हालत सुधर जाएगी, लेकिन हुआ इसका उल्टा। वहीं बिटिया की मौत की खबर मिलते ही गांव व इलाके में अघोषित कर्फ्यू लग गया। सुरक्षाकर्मी मृतका के घर के बाहर एकत्रित हो गए। बाहरी लोगों की आवाजाही रोक दी गई। आरोपी चूंकि गांव के ही लोग हैं, इसलिए ग्रामीण कुछ भी बात करने से परहेज करते रहे। हर चेहरे पर एक अजीब सा डर दिखाई दिया और पूरा गांव में गम के साथ साथ दहशत की स्थिति रही।
लोगों का यही कहना था कि आखिर यह घटना इस गांव के लिए इतना बड़ा कलंक बनेगी और गांव का सुख चैन छीन लेगी, इसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। कुछ लोगों ने गांव का माहौल खराब कर दिया है और रही सही कसर नेता पूरी कर रहे हैं। जिन लोगों ने यह घटना की है, उन्हें सख्त सजा मिले लेकिन राजनीति न हो। देर शाम को स्थिति यह हो गई कि सुबह अपने घरों से जल्दी निकले लोगों को पुलिस ने उनके ही घरों में नहीं जाने दिया।
हाथरस: दुष्कर्म पीड़िता अनुसूचित जाति की बिटिया की मौत के विरोध में हाथरस शहर के तालाब चौराहे पर ?- फोटो : HATHRAS