आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के निस्तारण में लीपापोती का ताजा उदहारण पशुपालन विभाग में सामने आया हे। यहां एक शिकायत पर विभाग द्वारा तत्कालीन मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) की तरफ से आख्या लगा दी गई। इस मामले में एडीएम न्यायिक ने सीवीओ से स्पष्टीकरण तलब किया है। शिकायतों के डिफॉल्टर श्रेणी में जाने की दशा में तीन अफसरों को चेतावनी जारी की गई है।
जिले में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के निस्तारण लगातार लापरवाही सामने आ रही हैं। इस बार मामला गांव महामौनी का है। महामौनी निवासी पप्पू पुत्र साहब सिह ने गांव में से मुर्गी फॉर्म को हटवाने की शिकायत की थी। इस शिकायत के साथ उन्होंने जिलाधिकारी का एक आदेश भी लगाया। शिकायत पर तत्कालीन सीवीओ विजयवीर चंद्रयाल ने आख्या लगाई।
इस कारण शिकायत सी संदर्भ में पहुंच गई। निस्तारण के लिए पुन: शिकायत को पशुपालन विभाग को भेजा गया है। हैरानी की बात यह रही कि सात जुलाई को विजयवीर चंद्रयाल का तबादला हो गया है। इसके बावजूद शिकायत में फिर से तत्कालीन सीवीओ की आख्या को अपलोड कर दिया गया, जबकि नए सीवीओ की तरफ से शिकायत का निस्तारण होकर आख्या अपलोड होनी थी।
इस मामले में एडीएम न्यायिक ने सीवीओ मदनपाल सिंह से स्पष्टीकरण तलब किया है। दूसरी ओर सामने आया है कि अधिकारियों द्वारा अपना पोर्टल समय-समय पर जांचा नहीं जा रहा, जबकि शासन से आदेश हैं कि उसमें प्रतिदिन शिकायत निस्तारण की स्थिति जांची जाए। समीक्षा में सामने आया है कि पोर्टल को चेक न करने के कारण शिकायतें डिफाॅल्टर की श्रेणी में जा रही हैं।
इस मामले में एडीएम न्यायिक ने प्रभारी चिकित्साधिकारी सिकंदराराऊ राज किशोर वर्मा, उपखंड अधिकारी विद्युत सादाबाद राजेश कुमार, उप खंड विद्युत अधिकारी सिकंदराराऊ आफताब आलम को शिकायतों को मार्क न करने के मामले में चेतावनी जारी की गई है।