न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा ने स्नातक अंतिम वर्ष का अधूरा परीक्षा परिणाम जारी करके इतिश्री कर दी है। इस कारण विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीएड में प्रवेश की पहली काउंसिलिंग शुरू होने से अधूरे परीक्षा परिणाम वाले विद्यार्थी उसमें शामिल नहीं हो पा रहे हैं। इस कारण वह काफी परेशान हैं।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा प्रशासन की ओर से शैक्षणिक सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षाओं का अधूरा परिणाम जारी किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक तीन परीक्षाओं के परिणाम जारी किए गए हैं। इसमें बीकॉम वोकेशनल पार्ट-थ्री का परिणाम एक सितंबर को, बीकॉम तृतीय वर्ष का परिणाम चार सितंबर को और बीएससी तृतीय वर्ष का परिणाम सात सितंबर को जारी किया गया।
बीएससी तृतीय वर्ष के यूएफएम में फंसे कॉलेजों का परिणाम रुका है। कुछ कॉलेजों का परीक्षा शुल्क जमा न होने के कारण परिणाम रुका हुआ है। जानकारों की मानें तो यूएफएम कमेटी तो बना दी गई है, लेकिन अभी तक उसने प्रकरणों का निस्तारण नहीं किया है। इससे पूरा परिणाम जारी नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा एमडब्ल्यू ने विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई पर संकट पैदा कर दिया है। संवाद
ज्यादातर विद्यार्थियों की मार्कशीट पर लिखा है एमडब्ल्यू
हाथरस। स्नातक फाइनल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों ने बीएड की प्रवेश परीक्षा यह सोचकर दी थी कि रिजल्ट आते ही वह बीएड की पढ़ाई शुरू कर देंगे, लेकिन विश्वविद्यालय द्वारा जारी रिजल्ट में मार्कशीट पर एमडब्ल्यू लिखा आ रहा है। इस कारण विद्यार्थी बीएड में प्रवेश के लिए हो रही पहली काउंसिलिंग में भी शामिल नहीं हो पा रहे हैं। संवाद
एमडब्ल्यू वाली समस्या से संबंधित काफी विद्यार्थी हमारे पास आ रहे हैं। इस संबंध में हमारे द्वारा विश्वविद्यालय प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है, लेकिन विद्यार्थियों की समस्या का निदान समय से नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उन विद्यार्थियों के सामने संकट की स्थिति पैदा हो गई है, जिन्हें बीएड की काउंसिलिंग में शामिल होना है।
-राजकमल दीक्षित, प्राचार्य बागला डिग्री कॉलेज