गौशाला में गाैवंश को गुड़ खिलातीं डीएम अर्चना वर्मा
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हाथरस के खुले घूम रहे गौवंश को अब आश्रय मिल जाएगा। सादाबाद के कुरसण्डा में अस्थाई गौशाला बनाई गई है, जिसमें एक साथ 600 से 700 निराश्रित गौवंश को रखा जा सकेगा। डीएम ने नवनिर्मित अस्थाई गौ-आश्रय स्थल का उद्घाटन किया।
विकास खण्ड सादाबाद के ग्राम पंचायत कुरसण्डा में नवनिर्मित अस्थाई गौ आश्रय स्थल स्व चौधरी गजाधर सिंह नम्बरदार स्मृति गौशाला का जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने फीता काट कर उद्घाटन किया तथा गायों को हरा चारा तथा गुड़ खिलाया। डीएम अर्चना वर्मा ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप मार्च 2023 तक खुले में घूम रहे निराश्रित गौवंश को संरक्षित किया जाना है। खुले में घूम रहे पशु किसी न किसी के द्वारा छोड़े गये हैं। ग्रामीण सहभागिता योजना के तहत गौवंश को गोद लें। एक गौवंश को सहभागिता योजना के तहत रखने पर शासन द्वारा 900 रूपये प्रतिमाह दिया जाता है, साथ ही गाय के गोबर व गौमूत्र का व्यवसाय करके अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।
खंड विकास अधिकारी सादाबाद नीरज गर्ग ने बताया कि अस्थाई गौशाला का क्षेत्रफल 24 बीघा है। जिसमें लगभग 600 से 700 निराश्रित गौवंश को संरक्षित किया जाएगा। तार फैन्सिंग करते हुए गौशाला में नर एवं मादा गौवंशों को अलग-अलग संरक्षित किया जायेगा। ग्राम निधि के माध्यम से तार फैंसिंग, गेट निर्माण, सुरक्षा खाई, समरसेबिल, भूसा घर, पूर्व से निर्मित टीनशैड एवं चरही का मरम्मत कार्य, पानी हेतु पाइप लाईन, पानी की हौदी का निर्माण कराया गया है। मनरेगा के माध्यम से शेड नं0 1, शेड नं0 2 का निर्माण तथा खडंजा चरही के दोनो तरफ व गौमूत्र एकत्रित करने हेतु नाली का निर्माण किया गया है।
आत्मनिर्भर एवं वित्तीय भार कम करने हेतु प्रस्तावित कार्य के तहत गौशाला में 08 वर्ग मीटर के कुल 02 कम्पोस्ट पिट का निर्माण कृषि विभाग के तकनीकी निर्देशन में मनरेगा से कराया जाना प्रस्तावित है। प्रति वर्मी कम्पोस्ट अनुमानित लागत 2.85 लाख रुपये है। प्रति वर्मी कम्पोस्ट से प्रतिवर्ष उत्पादित जैविक खाद् की मात्रा 50-75 मी0टन तथा गौमूत्र को एकत्रित कर व्यवसायिक प्रयोग में लाया जायेगा। उप जिलाधिकारी सादाबाद के सहयोग से 10 बीघा चारागाह की भूमि को कब्जा मुक्त कराते हुये गौवंश के चारे हेतु जई की बुवाई करायी गयी है।