भूमि दान देने वाले घूरे लाल शर्मा का कहना है कि उस समय क्षेत्र में डकैतों का आतंक था और वारदात होती रहती थी, इसलिए चौकी बनाने के लिए जमीन दी गई थी। आज भी थाना जंक्शन से गांव मिर्जापुर की दूरी करीब 20 किलोमीटर से अधिक है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से यहां पुलिस चौकी स्थापित की जानी चाहिए। पुलिस चौकी बनने की आस में दो भाई दुनिया छोड़ गए। चौकी बनने तो मुझे भी सुकून मिलेगा।
आठ गुना बढ़ गई जमीन की कीमत
25 साल पहले जब जमीन दी गई थी, उस समय जमीन की कीमत 60 हजार रुपये बीघा थी। अब यहां जमीन की कीमत करीब पांच लाख रुपये बीघा है। यानी जमीन की कीमत में आठ गुना की वृद्धि हुई है।
अगसौली और बिसावर में नहीं बने थाने
हाथरस। कोतवाली सिकंदाराराऊ की पुलिस चौकी अगसौली व सादाबाद की बिसावर को थाने में परिवर्तित करने के प्रस्ताव लगातार शासन को भेजे गए। बिसावर थाना बनाए जाने के लिए तो भूमि भी चिह्नित की गई, लेकिन यह भूमि राजस्व अभिलेखों में प्राइमरी स्कूल के नाम पर अंकित पाई गई, इसके बाद प्रस्ताव लौटा दिया। अब ओसी कलेक्ट्रेट ने उपजिलाधिकारी सादाबाद को कोई अन्य भूमि चिह्नित कर आख्या उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है।
मिर्जापुर में चौकी स्थापित करने के संबंध में पत्र का अवलोकन कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। वर्ष 1999 से जुड़े दस्तावेजों का अवलोकन किया जाएगा।-निपुण अग्रवाल, एसपी।