वरिष्ठ सहायक का प्रशासन पर आरोप है कि एक संबंद्धीकरण के बाद दूसरा संबंद्धीकरण किया जाना शासनादेश के विपरीत है। उप्र मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिला संयोजक जिसके पास अध्यक्ष व मंत्री के अधिकार होते हैं, को जिला मुख्यालय पर ही तैनाती दी जाती है, लेकिन उन्हें मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान करने के लिए दूरस्थ तहसील में सम्बद्धीकरण किया गया है।
वार्षिक स्थानांतरण नीति के अनुपालन न किए जाने, एक ही पटल पर वर्षों से जमे कर्मचारियों का स्थानांतरण न किए जाने सहित कई बिंदुओं को लेकर कलेक्ट्रेट में तैनात वरिष्ठ सहायक ने जिला प्रशासन के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। कलेक्ट्रेट के वरिष्ठ सहायक व उप्र मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिला संयोजक मुकुट बिहारी ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अनशन किया।
विज्ञापन
अनशन पर बैठे वरिष्ठ सहायक मुकुट बिहारी ने बताया कि उसका संबद्धीकरण 30 अगस्त को किया गया था। इस पर उन्होंने 1 सितम्बर को उपजिलाधिकारी सिकंदराराऊ के समक्ष योगदान आख्या प्रस्तुत की थी। उन्होंने कई बार विभिन्न समस्याओं को लेकर अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन समस्याओं के निस्तारण के बजाय उनका संबद्धीकरण कलेक्ट्रेट मुख्यालय से दूरस्थ तहसील सिकंदराराऊ करा दिया गया।
वरिष्ठ सहायक का प्रशासन पर आरोप है कि एक संबंद्धीकरण के बाद दूसरा संबंद्धीकरण किया जाना शासनादेश के विपरीत है। उप्र मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिला संयोजक जिसके पास अध्यक्ष व मंत्री के अधिकार होते हैं, को जिला मुख्यालय पर ही तैनाती दी जाती है, लेकिन उन्हें मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान करने के लिए दूरस्थ तहसील में सम्बद्धीकरण किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा वार्षिक स्थानांतरण नीति के अनुपालन नहीं किया जा रहा है।