पीएफ घोटाले से हाथरस के बिजली कर्मी भी बेचैन
जिले के करीब ढाई सौ कर्मियों सताने लगी अपने पैसे की चिंता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। पीएफ घोटाले के खुलासे से जिले के बिजली कर्मियों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। करीब 250 कर्मियों को अपने पैसे का डर सताने लगा है। इस घोटाले को लेकर महकमे में चर्चाओं का बाजार गर्म है। विभागीय कर्मी अपने पैसे को निकालने के साथ अन्य खातों ट्रांसफर करने में जुटे हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि जिले में चार डिविजन और 64 बिजलीघरों पर करीब ढाई सौ कर्मियों की तैनाती है। 2007 से पहले कर्मियों का जीपीएफ जमा होता था। उसके बाद कॉरपोरेशन बन गया तो सीपीएफ जमा होने लगा और ट्रस्ट बन गया। कर्मियों के पैसे को एक कंपनी में निवेश किया गया, ताकि ब्याज सही मिले।
अब विद्युत कर्मियों की मानें तो जिस कंपनी में निवेश किया गया, वह डिफॉल्टर हो गई है। इस कारण कर्मियों को पीएफ और सीपीएफ के पैसे पर संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। जिले के करीब 250 कर्मियों को अपने पैसे की चिंता सताने लगी है। इस मामले में हालांकि सरकार द्वारा कार्रवाई तो शुरू कर दी गई है। जिले में कार्यरत कर्मचारियों के संगठन भी प्रदेश नेतृत्व से आने वाले आदेश का इंतजार कर रहे हैं।