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कलेक्ट्रेट पर किसानों का हंगामा, डीएम से मिले

Tue, 03 May 2016 12:26 AM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
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सपा नेता काके के साथ डीएम से मिलने पहुंचे डार्क जोन में नलकूप कनेक्शन लेने वाले किसान। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। डार्क जोन में बड़े पैमाने पर फर्जी नलकूप कनेक्शन जारी करने के मामले में बिजली विभाग की कार्रवाई पर किसानों का गुस्सा भड़क उठा है। रविवार को बड़ी संख्या में किसानों ने सलेमपुर बिजलीघर पर पहुंचकर हंगामा और प्रदर्शन किया था, जबकि सोमवार को भी सलेमपुर बिजलीघर क्षेत्र के कई गांवों के किसान इकट्ठा होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम अविनाशकृष्ण सिंह से मिलकर बिजली महकमे की एकतरफा कार्रवाई का तीखा विरोध किया। किसानों का कहना था कि बिजली अभियंताओं और कर्मियों ने पहले तो पैसे लेकर उन्हें कनेक्शन दे दिए और अब उनके कनेक्शनों को अवैध बताकर उनके खिलाफ ही कानूनी कार्रवाई की जा रही है। 
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अगर वाकई में कनेक्शन अवैध हैं तो इसके लिए उन अफसर व कर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने कनेक्शन मंजूर किए और उनके फर्जी कागज बनाकर किसानों को दिए। किसानों ने इस तरह के करीब 480 नलकूप कनेक्शन जारी होने की जानकारी डीएम को दी। किसानों का कहना था कि धोखा बिजली विभाग के साथ नहीं, बल्कि किसानों के साथ हुआ है। कार्रवाई तो किसानों को बिजली अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ करनी चाहिए। उनका कहना था कि विभाग ने उन्हें एकमुश्त समाधान योजना का लाभ भी दिया है और उनके पास जो रसीदें हैं, वह भी एकदम सही हैं। हमें तो अफसर-कर्मियों ने दलालों के मार्फत गुमराह करके कनेक्शन दिए हैं। किसानों ने एक स्वर ने जिला प्रशासन से इस घोटाले की जांच कराने और दोषी बिजली अभियंता व कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराके उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई, ताकि भविष्य में फिर कोई किसानों के साथ ऐसा धोखा करने की जुर्रत नहीं कर सके। सलेमपुर बिजलीघर क्षेत्र के गांव बघराया, ततारपुर, टिकारी, शेखूपुर अजीत, भदामई, नगला अड़ू, पुन्नेर, छत्तरपुर आदि अनेक गांवों के किसान सोमवार को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। सपा के हाथरस विधानसभा के प्रत्याशी रामनारायण काके के अलावा सपा नेता सुदेश राजपूत, ठा.गोविंद सिंह, मदन सेंगर, हेमंत गौड़, शिवकुमार वार्ष्णेय, अनिल कुमार आदि भी उनके साथ थे। 
डीएम अविनाशकृष्ण सिंह ने भी माना कि जब विभाग ने उन्हें रसीदें, पासबुक दी हैं तो इसमें किसानों का क्या दोष। उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है। जो भी अधिकारी व कर्मचारी दोषी होंगे, उन्हें हर्गिज बख्शा नहीं जाएगा। किसानों के साथ नाइंसाफ नहीं होने दी जाएगी।
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